अंजीर एक ऐसा फल है जिसे ज्यादातर लोग स्वाद, सेहत और पोषण के लिए खाना पसंद करते हैं। यह ड्राई फ्रूट्स की कैटेगरी में आता है और इसमें आयरन, कैल्शियम, फाइबर, और कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ लोग अंजीर को नॉनवेज मानते हैं?
आपने सही पढ़ा – एक फल जो पेड़ पर उगता है, जिसे प्राकृतिक और शाकाहारी समझा जाता है, उसे कुछ लोग मांसाहारी मानते हैं। इसके पीछे की कहानी बेहद रोचक है।
अंजीर – फल तो शाकाहारी है, लेकिन प्रक्रिया…?
अंजीर का फल पेड़ पर पूरी तरह प्राकृतिक रूप से उगता है और आमतौर पर शाकाहारी होता है। लेकिन इसे मांसाहारी मानने की बहस उसकी परागण प्रक्रिया के कारण होती है। अंजीर की परागण एक खास तरह की फिग वास्प (Fig Wasp) यानी छोटी ततैया पर निर्भर करती है।
कैसे होती है अंजीर की परागण?
अंजीर के फल में एक छोटा सा छेद होता है जिससे यह विशेष ततैया अंदर प्रवेश करती है।
क्योंकि अंजीर के फूल फल के अंदर ही होते हैं, इस वजह से परागण के लिए ततैया को अंदर जाना पड़ता है।
अंजीर के अंदर ततैया अंडे देती है और नर-मादा ततैयाएं वहीं प्रजनन करती हैं।
परागण प्रक्रिया पूरी करते हुए कुछ ततैयाएं बाहर निकलने की कोशिश करती हैं, पर सभी सफल नहीं होतीं।
क्या अंजीर में ततैयाएं मर जाती हैं?
जी हां।
कई बार नर या मादा ततैया अंजीर के अंदर ही मर जाती हैं।
अंजीर में मौजूद एक खास एंजाइम फाइसीन (Ficin) मृत ततैया के शरीर को घोलकर गूदे में मिला देता है।
यही कारण है कि कुछ लोग मानते हैं कि फल अब “मांसाहारी” हो गया है, क्योंकि उसमें कीट का अंश मिल गया है।
तो क्या अंजीर नॉनवेज है?
यह पूरी प्रक्रिया प्राकृतिक है और हजारों वर्षों से ऐसे ही चल रही है। कई लोग इसे इकोलॉजिकल साइकल का हिस्सा मानते हैं और अंजीर को शुद्ध रूप से शाकाहारी ही मानते हैं। लेकिन जो लोग सख्त शाकाहारी होते हैं, वे इस प्रक्रिया को स्वीकार नहीं कर पाते और अंजीर से परहेज करते हैं।
यह भी पढ़ें:
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check