पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज्यादा होती है आयरन की कमी, जानें 10 अहम लक्षण

आयरन की कमी यानी एनीमिया महिलाओं में एक आम स्वास्थ्य समस्या है, जो पुरुषों की तुलना में ज्यादा पाई जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके कई कारण हैं, जैसे मासिक धर्म के दौरान अधिक रक्तस्राव, गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान आयरन की बढ़ी हुई आवश्यकता। इसके अलावा, वर्किंग महिलाओं और युवा लड़कियों में पोषण की कमी और असंतुलित आहार भी इस समस्या को बढ़ाता है।

आयरन शरीर के लिए बेहद जरूरी है क्योंकि यह हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में ऑक्सीजन ले जाने का कार्य करता है। जब शरीर में आयरन की कमी होती है, तो रक्त में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है और यह कई तरह के स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म देती है।

महिलाओं में आयरन की कमी के प्रमुख कारण:

मासिक धर्म के दौरान रक्त का ज्यादा निकलना।

गर्भावस्था में शिशु और मां दोनों की आयरन की जरूरत बढ़ जाना।

पौष्टिक भोजन की कमी, जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें और आयरन युक्त अनाज।

शारीरिक थकान और अधिक मेहनत वाली दिनचर्या।

शाकाहारी भोजन में आयरन का कम सेवन।

10 लक्षण जिन्हें कभी न करें इग्नोर:

थकान और कमजोरी: सामान्य काम करते समय भी जल्दी थक जाना।

सिरदर्द और चक्कर: मस्तिष्क में ऑक्सीजन की कमी से सिरदर्द और चक्कर आना।

चेहरे और त्वचा का पीला होना: चेहरे और आंखों के सफेद हिस्से का पीला पड़ जाना।

सांस लेने में दिक्कत: हल्की गतिविधि में भी सांस फूलना।

हृदय की धड़कन तेज होना: हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ने से धड़कन तेज होना।

बालों का झड़ना: बाल कमजोर और पतले पड़ जाना।

उंगलियों और पैरों का ठंडा रहना: शरीर के अंगों में गर्मी नहीं रहना।

मुंह में घाव या जीभ पर सूजन: जीभ लाल या सूजी हुई दिखाई देना।

मनोदशा में बदलाव: चिड़चिड़ापन और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई।

भूख कम लगना: खाने की इच्छा घट जाना और वजन कम होना।

विशेषज्ञों की सलाह है कि महिलाओं को आयरन युक्त भोजन का सेवन नियमित रूप से करना चाहिए। हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, बीन्स, मेवे, ड्राई फ्रूट्स और आयरन सप्लीमेंट्स की मदद से शरीर में आयरन का स्तर संतुलित रखा जा सकता है। इसके अलावा, विटामिन C युक्त फल जैसे संतरा, नींबू या आम का सेवन आयरन के अवशोषण में मदद करता है।

महिलाओं को अपनी स्वास्थ्य जाँच समय-समय पर करानी चाहिए और आयरन की कमी के शुरुआती लक्षणों को नज़रअंदाज नहीं करना चाहिए। उचित पोषण, संतुलित आहार और समय पर इलाज से आयरन की कमी को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।

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