आज अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन बाघों के प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा और दुनिया भर में उनके संरक्षण प्रयासों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर वर्ष 29 जुलाई को वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है। इस अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने आज नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित किया।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 11 नए बाघ अभयारण्य जोड़े गए हैं और देश में उनकी संख्या बढ़कर अब 58 हो गई है। श्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश में यह आंकड़ा 47 था। उन्होंने बताया कि भारत अंतर्राष्ट्रीय बाघ गठबंधन पर भी काम कर रहा है, जिसका उद्देश्य 97 देशों में दुनिया की सात प्रमुख बाघ प्रजातियों का संरक्षण करना है।
इससे पहले, श्री यादव ने बाघों के संरक्षण में भारत की उल्लेखनीय सफलता का सोशल मीडिया पर जिक्र करते हुए कहा है कि 58 अभयारण्यों और 3 हजार 682 बाघों के साथ भारत उनके संरक्षण में दुनियाभर के लिए एक मिसाल बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि बाघ संरक्षण केवल प्रजातियों को बचाने के बारे में नहीं है, बल्कि यह उनकी बढ़ती संख्या और प्राकृतिक आवास वाले जंगलों के पहले से बेहतर होने का भी प्रतीक है। श्री यादव ने सभी से बाघों के संरक्षण और उनके पारिस्थितिक तंत्र की रक्षा करने का संकल्प लेने का आग्रह किया।
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस को मनाने की घोषणा 29 जुलाई, 2010 को सेंट पीटर्सबर्ग में की गई थी, जिसका उद्देश्य दुनिया भर में बाघ संरक्षण और प्रबंधन को बढ़ावा देना था।
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