पावर बैंक पर अंतरराष्ट्रीय संकट! चीन के नए नियम से एयरलाइंस में मचा हड़कंप

वैश्विक विमानन उद्योग एक बार फिर नए विवाद की चपेट में है। चीन द्वारा पावर बैंक को लेकर सुरक्षा मानकों को कड़ा करने के बाद दुनिया के कई देशों में चिंता गहराने लगी है। रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने हाल ही में उड़ानों में ले जाए जाने वाले पावर बैंक पर कड़े नियम लागू किए हैं, जिससे संभावना जताई जा रही है कि आने वाले समय में अन्य देश भी इसी तरह के कदम उठा सकते हैं। इस फैसले का सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ सकता है, जो अपने मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप को यात्रा के दौरान चार्ज रखने के लिए पावर बैंक पर निर्भर रहते हैं।

चीन के नियमों ने क्यों बढ़ाई चिंता?

चीन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पावर बैंक केवल एक निश्चित क्षमता तक ही विमानों में कैरी किए जा सकेंगे, और वह भी केवल केबिन बैगेज में। इसके अलावा अनब्रांडेड, बिना प्रमाणन वाले और उच्च क्षमता (हाई-वॉट) पावर बैंक को पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। एयरलाइंस अधिकारियों का कहना है कि यह कदम लिथियम-आयन बैटरी से जुड़े बढ़ते जोखिमों को ध्यान में रखकर उठाया गया है। हाल के वर्षों में बैटरी फटने, धुआं निकलने और शॉर्ट-सर्किट जैसी घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर इसका क्या असर पड़ेगा?

चीन का फैसला केवल उसके घरेलू यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय रूट पर उड़ान भरने वाली एयरलाइंस को भी नए नियमों का पालन करना होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरलाइंस सुरक्षा नियमों में समानता बनाए रखने के लिए वैश्विक स्तर पर भी दिशानिर्देश कड़े किए जा सकते हैं। इससे उन लाखों यात्रियों पर प्रभाव पड़ेगा, जो लंबी उड़ानों के दौरान अपने गैजेट्स चलाने के लिए पावर बैंक का इस्तेमाल करते हैं।

यात्री क्या कर सकते हैं?

विमानन विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यात्रा से पहले पावर बैंक की क्षमता अवश्य जांच लें। 20,000 mAh से अधिक क्षमता वाले अधिकांश पावर बैंक पहले से ही कई देशों में प्रतिबंधित हैं। इसके अलावा—

पावर बैंक को केबिन बैग में ही रखें

खराब या फूला हुआ पावर बैंक बिल्कुल न ले जाएं

केवल सर्टिफाइड और ब्रांडेड उत्पाद का उपयोग करें

बोर्डिंग से पहले एयरलाइन की वेबसाइट पर अपडेटेड नियम जांचें

सुरक्षा एजेंसियों का क्या कहना है?

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पावर बैंक से जुड़ी घटनाओं में पिछले कुछ सालों में इजाफा हुआ है। लिथियम बैटरी अत्यधिक गर्म होने पर आग पकड़ सकती है, और हवा में उड़ान के दौरान ऐसी घटना बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। इसलिए, देशों में यह चर्चा तेज है कि क्या पावर बैंक को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाए या फिर क्षमता आधारित सीमाओं को और सख्त बनाया जाए।

क्या आगे बढ़ेगा यह नियम?

विशेषज्ञों को लगता है कि चीन की पहल आने वाले महीनों में कई देशों की नीतियों को प्रभावित कर सकती है। एयर सेफ्टी बोर्ड इस विषय पर वैश्विक समीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, ताकि एक सार्वभौमिक गाइडलाइन तैयार की जा सके। अगर ऐसा होता है, तो यात्रियों को अपनी यात्रा आदतों में बदलाव करने के लिए तैयार रहना होगा।

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