कमर दर्द आजकल अधिकांश लोगों की जीवनशैली का आम हिस्सा बन गया है। लंबे समय तक बैठना, भारी उठाना या गलत पोज़्चर अपनाना इसके प्रमुख कारण हैं। कमर में अचानक मरोड़ या लगातार दर्द महसूस होने पर लोग अक्सर ठंडा पानी या गर्म पानी से सिकाई करने के विकल्प पर विचार करते हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि सही तरीका अपनाना बेहद जरूरी है, ताकि दर्द में राहत मिले और स्थिति और खराब न हो।
ठंडा पानी की सिकाई (Cold Compress) कब करें?
ठंडा पानी या आइस पैक का इस्तेमाल अचानक हुई चोट, मरोड़ या सूजन में किया जाता है। यह सिकाई सूजन और दर्द को तुरंत कम करने में मदद करती है।
फायदे:
सूजन कम करता है
नसों और मांसपेशियों में झटके और दर्द घटाता है
चोट लगने पर तुरंत राहत देता है
कैसे करें:
एक बर्फ या ठंडा पानी में भिगोया कपड़ा लें
प्रभावित हिस्से पर 10–15 मिनट के लिए रखें
2–3 घंटे के अंतराल पर दोहराएँ
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि 24–48 घंटे के अंदर ठंडा सिकाई सबसे फायदेमंद होती है।
गर्म पानी की सिकाई (Heat Therapy) कब करें?
गर्म पानी या हीट पैड का इस्तेमाल पुराने दर्द, खिंचाव या जकड़न में किया जाता है। यह सिकाई मांसपेशियों को रिलैक्स करती है और रक्त संचार को बढ़ाती है।
फायदे:
खिंचाव और कठोर मांसपेशियों को ढीला करता है
रक्त प्रवाह बढ़ाकर दर्द कम करता है
आराम और लचीलापन बढ़ाता है
कैसे करें:
तौलिये में गर्म पानी रखें या हीट पैड का इस्तेमाल करें
प्रभावित हिस्से पर 15–20 मिनट तक रखें
दिन में 2–3 बार दोहराएँ
विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने दर्द और मांसपेशियों की कठोरता में गर्म सिकाई अधिक प्रभावी होती है।
विशेष बातें जो ध्यान में रखें
दर्द का कारण समझें – अचानक चोट या सूजन में ठंडा और पुरानी जकड़न में गर्म सिकाई अपनाएँ।
अत्यधिक समय तक सिकाई न करें – 20 मिनट से अधिक नहीं।
डॉक्टर से सलाह लें – यदि दर्द लगातार बना रहे या बढ़ता हो।
सिकाई के बाद हल्का स्ट्रेच या आराम करें – मांसपेशियों को तनाव मुक्त रखें।
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