सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram ने यूजर्स के अनुभव को और ज्यादा पर्सनल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने ‘Your Algorithm’ नाम से नया फीचर पेश किया है, जिसके जरिए अब इंस्टाग्राम यूजर्स को उनकी पसंद और रुचि के मुताबिक ही रील्स और कंटेंट देखने को मिलेगा। यह फीचर प्लेटफॉर्म के एल्गोरिदम को पहले से ज्यादा पारदर्शी और यूजर-कंट्रोल्ड बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या है ‘Your Algorithm’ फीचर?
अब तक इंस्टाग्राम का एल्गोरिदम पर्दे के पीछे काम करता था, लेकिन ‘Your Algorithm’ फीचर के जरिए यूजर्स को यह समझने और नियंत्रित करने का मौका मिलेगा कि उन्हें किस तरह का कंटेंट दिखाया जाए। इस फीचर के तहत यूजर अपनी पसंद के विषय, क्रिएटर्स और कंटेंट कैटेगरी को चुन सकते हैं। इसके आधार पर इंस्टाग्राम रील्स और फीड को कस्टमाइज करेगा।
कैसे करेगा काम नया एल्गोरिदम?
‘Your Algorithm’ यूजर की गतिविधियों का विश्लेषण करके काम करता है। आप किन रील्स को ज्यादा समय तक देखते हैं, किस कंटेंट को लाइक, शेयर या सेव करते हैं—इन सभी संकेतों के आधार पर एल्गोरिदम आपकी रुचि को समझता है। इसके अलावा, यूजर मैन्युअली भी यह बता सकते हैं कि उन्हें कौन सा कंटेंट ज्यादा और कौन सा कम देखना है।
इंस्टाग्राम ने इसमें “Interested” और “Not Interested” जैसे विकल्पों को और प्रभावी बना दिया है, जिससे एल्गोरिदम तेजी से यूजर की पसंद को सीख सके।
यूजर्स को मिलेगा ज्यादा कंट्रोल
इस फीचर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब यूजर्स के पास अपने फीड पर ज्यादा नियंत्रण होगा। अगर कोई यूजर किसी तरह का कंटेंट बार-बार देखना नहीं चाहता, तो वह सीधे एल्गोरिदम को संकेत दे सकता है। इससे अनचाहे वीडियो और बार-बार दिखने वाले ट्रेंड्स से राहत मिलने की उम्मीद है।
क्रिएटर्स के लिए भी अहम बदलाव
‘Your Algorithm’ फीचर का असर कंटेंट क्रिएटर्स पर भी पड़ेगा। अब केवल वायरल ट्रेंड्स ही नहीं, बल्कि निश कंटेंट बनाने वाले क्रिएटर्स को भी सही ऑडियंस तक पहुंचने का मौका मिलेगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे क्वालिटी कंटेंट को बढ़ावा मिलेगा और व्यूज की दौड़ कुछ हद तक संतुलित होगी।
सोशल मीडिया अनुभव होगा और बेहतर
इंस्टाग्राम का कहना है कि इस फीचर का मकसद यूजर्स को ऐसा कंटेंट दिखाना है, जिसमें उनकी वास्तविक दिलचस्पी हो। साथ ही, प्लेटफॉर्म पर समय बिताने का अनुभव ज्यादा सकारात्मक और कम थकाऊ बनाना भी इसका उद्देश्य है।
हालांकि, यह फीचर धीरे-धीरे अलग-अलग देशों में रोलआउट किया जा रहा है और सभी यूजर्स तक पहुंचने में कुछ समय लग सकता है।
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