इंडो-कैनेडियन फिल्म ‘आई एम नो क्वीन’ टोरंटो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में प्रदर्शित की जायेगी। अपनी प्रभावशाली कहानी कहने के लिए मशहूर फिल्म निर्माता शादाब खान अपनी नवीनतम फिल्म आई एम नो क्वीन के साथ एक बार फिर सुर्खियों में हैं। कैनेडियन आंट्रेप्रेनुर दीप और मीनू बासी के सहयोग से निर्मित यह इंडो-कैनेडियन वेंचर, विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने की कठोर वास्तविकताओं का सामना करने वाले युवाओं के गंभीर मुद्दे पर प्रकाश डालता है।
इस फिल्म ने प्रतिष्ठित टोरंटो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त किया है। ‘आई एम नो क्वीन’ एक ऐसी फिल्म है जो न केवल अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के शोषण को उजागर करती है, बल्कि विदेशी धरती पर संघर्ष कर रहे लोगों के प्रति व्यापक समझ और सहानुभूति का आह्वान भी करती है।
‘आई एम नो क्वीन’ में खान ने विदेश में अध्ययन करने की यात्रा पर निकलने वाले युवाओं के सामने आने वाली चुनौतियों को दर्शाया है, जो एक ऐसा विषय है जो आधुनिक और यूनिवर्सल दोनों है। शादाब खान ने कहा,मैं अपने काम को ऐसे अंतर्राष्ट्रीय मंच पर मान्यता मिलते देख कर सचमुच धन्य महसूस कर रहा हूं।
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