पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और सेना प्रमुख जनरल मुनीर द्वारा हाल ही में अमेरिका में दिए गए परमाणु हथियारों से जुड़े बयान पर भारत ने कड़ा एतराज़ जताया है। कूटनीतिक हलकों में इसे अभूतपूर्व कदम माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार भारत ने किसी मित्र देश की धरती से इस प्रकार की धमकी पर सार्वजनिक और प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया दी है।
सूत्रों के अनुसार, भारत ने अमेरिका को यह स्पष्ट रूप से अवगत कराया है कि पाकिस्तान द्वारा परमाणु हथियारों की धमकी देना न केवल असंवेदनशील है, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए खतरनाक संकेत भी है। भारत का मानना है कि ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयान वैश्विक कूटनीतिक मर्यादाओं का उल्लंघन हैं और इन पर चुप रहना पाकिस्तान को और अधिक उकसाने जैसा होगा।
जनरल मुनीर का यह बयान कि “पाकिस्तान एक परमाणु शक्ति है और वह अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर विकल्प खुला रखता है”, भारत को स्पष्ट रूप से लक्ष्य करता है। भारत ने इस बयान को गैर-ज़िम्मेदाराना और उकसावे वाला करार दिया है।
कूटनीतिक सूत्रों का कहना है कि भारत अब अपनी परंपरागत ‘स्ट्रैटजिक पेशेंस’ की नीति से थोड़ा आगे बढ़ चुका है। उसने यह संदेश स्पष्ट किया है कि वह अब केवल प्रतिक्रिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने हितों की रक्षा के लिए proactive भूमिका निभाएगा।
भारत की यह कूटनीतिक सक्रियता ऐसे समय में आई है जब अमेरिका पाकिस्तान के साथ कुछ नए सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी समझौतों पर विचार कर रहा है। भारत ने साफ किया है कि यदि आतंक और परमाणु की भाषा को अनदेखा किया गया, तो इससे क्षेत्र में असंतुलन पैदा हो सकता है।
इस घटनाक्रम को विशेषज्ञ एक निर्णायक मोड़ के रूप में देख रहे हैं — जहां भारत न केवल पाकिस्तान को सीधे जवाब दे रहा है, बल्कि अपने रणनीतिक साझेदार अमेरिका को भी यह बता रहा है कि द्विपक्षीय संबंध ‘साफगोई और जवाबदेही’ पर आधारित होने चाहिए।
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