धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल (DAIS), मुंबई की दो होनहार रोबोटिक्स टीमों — टीम मैट्रिक्स और टीम यूरेका — ने अमेरिका के ह्यूस्टन में आयोजित FIRST टेक चैलेंज (FTC) वर्ल्ड रोबोटिक्स चैम्पियनशिप 2025 में भारत के लिए इतिहास रच दिया। रोमांचक फाइनल मुकाबले में दोनों भारतीय टीमें आमने-सामने थीं, जिसमें टीम मैट्रिक्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब पर कब्जा जमाया।
यह प्रतियोगिता तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में से एक है, जिसमें इस वर्ष 30 से अधिक देशों की 256 टीमें भाग ले रही थीं। टीम मैट्रिक्स टूर्नामेंट के हर चरण में अजेय रही और फाइनल में 541 अंकों के प्रभावशाली स्कोर के साथ विजेता बनी। उन्हें थिंक अवॉर्ड में भी द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। वहीं, टीम यूरेका ने भी शानदार प्रदर्शन कर कनेक्ट अवॉर्ड अपने नाम किया।
दोनों टीमों ने इससे पहले भारत में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी कई रिकॉर्ड तोड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया था। DAIS का रोबोटिक्स प्रोग्राम वर्ष 2018 में प्रारंभ हुआ था, और अब केवल कुछ वर्षों में ही यह कार्यक्रम न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना चुका है।
नीता अंबानी ने दी बधाई
DAIS की संस्थापक चेयरपर्सन नीता एम. अंबानी ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा,
“यह DAIS और पूरे भारत के लिए गर्व का क्षण है। दुनिया की बेहतरीन टीमों के बीच हमारी दोनों FTC टीमें फाइनल तक पहुँचीं, और एक-दूसरे से मुकाबला किया। यह अपने आप में एक अनोखी और प्रेरणादायक घटना है। हम खासतौर पर गौरवान्वित हैं कि हमारी टीम ने विश्व चैम्पियनशिप जीतकर इतिहास रच दिया है। यह भारत के युवाओं को STEM (विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित) के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।”
उन्होंने कहा कि DAIS का यह सफर एक छोटे से रोबोटिक्स प्रोग्राम से शुरू हुआ था, जो अब भारत को वैश्विक STEM मानचित्र पर स्थापित कर चुका है। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों, माता-पिता और इस यात्रा में सहयोग देने वाले सभी को धन्यवाद देते हुए कहा कि,
“भविष्य उन्हीं का है जो सपने देखते हैं और उन्हें सच करने की हिम्मत रखते हैं। हमारे छात्रों ने हमारे आदर्श वाक्य ‘Dare to Dream, Learn to Excel’ को चरितार्थ कर दिखाया है।”
🚀 भारत को STEM में विश्व पहचान
DAIS ने यह साबित कर दिया है कि भारत के छात्र वैश्विक मंच पर तकनीकी प्रतिभा और नवाचार में किसी से कम नहीं हैं। यह जीत न केवल एक स्कूल की सफलता है, बल्कि यह भारत के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।
DAIS आने वाले वर्षों में भी अपने छात्रों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के ज़रिए भविष्य के लिए तैयार करने के अपने मिशन पर आगे बढ़ता रहेगा।
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