भारतीय चाय संघ (टीएआई) ने उत्पादन में भारी गिरावट से उत्पन्न संकट से निपटने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार से राजकोषीय प्रोत्साहन की मांग की है।
टीएआई के अध्यक्ष संदीप सिंघानिया ने कहा कि 2024 में उत्पादन में भारी गिरावट आई और मूल्य प्राप्ति उम्मीद के मुताबिक नहीं रही।
चाय बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, असम में जुलाई 2024 में 11 प्रतिशत और पश्चिम बंगाल में 21 प्रतिशत उत्पादन घटा।
टीएआई के अनुसार, प्रतिकूल मौसम और कीटों का हमला उत्पादन में गिरावट की मुख्य वजह रहे।
उद्योग जगत के लोगों का दावा है कि 2024 में उत्पादन में करीब 16 से 17 करोड़ किलोग्राम की गिरावट आने की आशंका है।
टीएआई ने कहा कि उत्तर भारत (जिसमें मुख्य तौर पर असम तथा पश्चिम बंगाल शामिल हैं) में चाय उद्योग को नुकसान उठाना पड़ा है, क्योंकि बागानों द्वारा किए गए विकास कार्यों के लिए चाय बोर्ड से सब्सिडी नहीं मिल रही है।
संघ ने कहा कि उद्योग इस ‘‘संकट के समय’’ सहायता के लिए पश्चिम बंगाल सरकार से राजकोषीय प्रोत्साहन की मांग कर रहा है। असम सरकार पहले ही उद्योग को वित्तीय प्रोत्साहन दे चुकी है।
यह भी पढ़े :-
सहजन की पत्तियां: डायबिटीज मरीजों के लिए वरदान, मोटापा भी होता है कम
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check