भारतीय पुरुष हॉकी टीम पेरिस ओलंपिक से पहले स्विटजरलैंड में मशहूर माइक हार्न्स बेस के लिए रवाना हो गई जिसके बाद नीदरलैंड में एक अभ्यास शिविर में भाग लेगी। स्विटजरलैंड में तीन दिवसीय शिविर खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगाया गया है। इसके बाद टीम नीदरलैंड में अभ्यास मैच खेलेगी और फिर पेरिस रवाना होगी। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा कि ओलंपिक से पहले आगामी अनुभव टीम को मानसिक और शारीरिक रूप से सर्वश्रेष्ठ स्थिति में रखने के लिए काफी उपयोगी होंगे।
उन्होंने कहा, ”हमने अभी बेंगलुरू में दो सप्ताह का शिविर खत्म किया है। अब स्विटजरलैंड में माइक हॉर्न जा रहे हैं जो साहसिक गतिविधियों का केंद्र है। इसके बाद टीम नीदरलैंड और मलेशिया से अभ्यास मैच खेलेगी।’
न्यूजीलैंड से होगा पहला मैच
भारतीय टीम 20 जुलाई को पेरिस पहुंचेगी। भारत को ओलंपिक में पहला मैच 27 जुलाई को न्यूजीलैंड से खेलना है, जिसके बाद 29 जुलाई को अर्जेंटीना से, 30 जुलाई को आयरलैंड और एक अगस्त को बेल्जियम से मुकाबला है। आखिरी ग्रुप मैच दो अगस्त को ऑस्ट्रेलिया से खेलना है। भारत को नॉकआउट में पहुंचने के लिए शीर्ष चार में रहना होगा।
अपना चौथा ओलंपिक खेलने जा रहे भारतीय हॉकी के महान गोलकीपर पी आर श्रीजेश ने भाषा से बातचीत में कहा, ”मेरा सफर सपने जैसा रहा है। बोर्ड परीक्षा में ग्रेस अंक लेने के लिये खेलना शुरू किया तो कभी सोचा नहीं था कि भारत की जर्सी पहनूंगा और ओलंपिक खेलूंगा। चौथा ओलंपिक सपना ही लगता है। अब तक धनराज पिल्लै ने ही चार ओलंपिक, चार विश्व कप, चैम्पियंस ट्रॉफी और एशियाई खेलों में भाग लिया। चार ओलंपिक खेलने वाला मैं पहला गोलकीपर हूं, विश्वास नहीं होता। हमने युवाओं के साथ अपने अनुभव बांटे और उन्हें वह गलतियां नहीं दोहराने के लिए कहा। इसी से हम 41 साल बाद ओलंपिक पदक जीत सके।”
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check