भारत और अमेरिका स्वच्छ विमान ईंधन, मध्यम और भारी वाहनों के विद्युतीकरण तथा बसों, ट्रैक्टरों और भारी उपकरणों में हाइड्रोजन के उपयोग को बढ़ावा देने पर सहमत हुए हैं।
दोनों देशों के बीच रणनीतिक स्वच्छ ऊर्जा साझेदारी वार्ता के बाद जारी एक संयुक्त बयान में यह जानकारी दी गई।
अमेरिका की ऊर्जा मंत्री जेनिफर ग्रैनहोम और भारत के पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को वाशिंगटन डीसी में आयोजित रणनीतिक स्वच्छ ऊर्जा साझेदारी (एससीईपी) मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद संयुक्त बयान जारी किया।
बयान के अनुसार दोनों देशों ने ”प्रत्येक देश के स्वच्छ ऊर्जा बाजारों में निवेश में वृद्धि का स्वागत किया।”
बयान में कहा गया, ”एक न्यायसंगत, व्यवस्थित और स्वच्छ ऊर्जा बदलाव की दिशा में काम करने की आवश्यकता को पहचानते हुए, दोनों पक्षों ने दोनों देशों की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं का समर्थन करने में ऊर्जा व्यापार की महत्वपूर्ण भूमिका का स्वागत किया।”
दोनों देशों ने उपभोक्ताओं को निर्बाध और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति के लिए बिजली वितरण क्षेत्र के आधुनिकीकरण के महत्व की भी बात कही।
अमेरिका ने भारत में स्मार्ट मीटर को लगाए जाने के लिए समर्थन का स्वागत किया, साथ ही इन्वर्टर आधारित संसाधनों, बिजली बाजार सुधारों और साइबर सुरक्षा पर विस्तारित प्रयासों की सराहना की।
मंत्रियों ने 2030 तक शुद्ध रूप से शून्य कार्बन उत्सर्जन प्राप्त करने के लिए भारतीय रेलवे के प्रयासों की भी सराहना की।
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