सरकार ने सोमवार को बताया कि भारत में ड्रोन उद्योग में वृद्धि देखी जा रही है और अब तक 16,000 रिमोट पायलट प्रमाणपत्र जारी किए जा चुके हैं।
नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि भारत में ड्रोन उद्योग में वृद्धि हो रही है और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से मंजूरी प्राप्त रिमोट पायलट प्रशिक्षण संगठन अब तक 16,000 रिमोट पायलट प्रमाणपत्र जारी कर चुके हैं।
मोहोल ने बताया कि देश में डीजीसीए से मंजूरी प्राप्त रिमोट पायलट प्रशिक्षण संगठनों की संख्या 116 है।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा 70 मानवरहित विमान प्रणाली (यूएएस) मॉडल को डीजीसीए ने मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि देश में 48 ड्रोन कंपनियां हैं जो डीजीसीए प्रमाणित यूएएस मॉडल बनाती हैं।
मोहोल ने बताया कि नागर विमानन मंत्रालय की उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (पीआईएल) के तहत तय दिशानिर्देशों के अनुसार 23 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को चुना गया था, जिनमें से 11 ड्रोन घटक निर्माता की श्रेणी में थे।
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