समाजवादी पार्टी के नेता और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गोद लिए गए वाराणसी गांव में विकास की कमी पर अफसोस जताया। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए लोकसभा में बोलते हुए यादव ने आरोप लगाया कि शहरों के बराबर विकास के दावों के बावजूद गांव अभी भी पिछड़े हुए हैं, सड़कें टूटी हुई हैं और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।
मोदी ने अपने निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में ककरहिया, जयापुर, नागेपुर, परमपुर, पूरे बरियार, पूरे गांव और कुरुहुआ सहित सात गांवों को गोद लिया था। अखिलेश यादव ने आज लोकसभा में एनडीए सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने पेपर लीक और ईवीएम सहित कई चिंताएं उठाईं। चुनावों पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “चुनाव के नतीजे भारत ब्लॉक के लिए एक नैतिक जीत है।
चुनावों ने सांप्रदायिक राजनीति को खत्म कर दिया है।” उन्होंने कहा, “ईवीएम को खत्म होना ही चाहिए, सपा इसके लिए दबाव बनाती रहेगी। अगर मैं यूपी की 80 में से 80 सीटें भी जीत लूं तो भी मैं ईवीएम पर भरोसा नहीं करूंगा। ईवीएम का मुद्दा कभी खत्म नहीं होगा।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर युवाओं को नौकरी से वंचित करने के लिए पेपर लीक करवा रही है। “पेपर लीक क्यों हो रहे हैं? सच तो यह है कि सरकार ऐसा इसलिए कर रही है ताकि युवाओं को नौकरी न देनी पड़े।” भाषण को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा,जब भारत गठबंधन सत्ता में आएगा तो अग्निवीर योजना को खत्म कर दिया जाएगा। फसलों पर MSP की कानूनी गारंटी लागू नहीं की गई है। बागवानी फसलों को भी एमएसपी दिया जाना चाहिए।”
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