विश्व बैंक समूह की इकाई अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम (आईएफसी) ने भारत में हरित परियोजनाओं का वित्तपोषण बढ़ाने और ‘ब्लू फाइनेंस’ बाजार के विकास में मदद के लिए 50 करोड़ डॉलर (लगभग 4,200 करोड़ रुपये) का ऋण मुहैया कराने के लिए सोमवार को एक्सिस बैंक के साथ करार किया।
‘ब्लू फाइनेंस’ का मतलब समुद्र-अनुकूल परियोजनाएं और जलापूर्ति संसाधनों के लिए वित्त मुहैया कराना है।
एक बयान के मुताबिक, निजी क्षेत्र को कर्ज देने वाले आईएफसी का यह भारत में पहला ‘ब्लू’ निवेश और देश में किसी वित्तीय संस्थान द्वारा पहला ‘ब्लू’ लेनदेन है।
‘ब्लू’ कर्ज ऐसा वित्तपोषण साधन है जो जल और अपशिष्ट जल प्रबंधन, समुद्री प्लास्टिक प्रदूषण में कमी, समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली, टिकाऊ पोत परिवहन, पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन और अपतटीय नवीकरणीय ऊर्जा जैसे निवेश के लिए धन जुटाता है।
बयान में कहा गया है कि यह लेनदेन भारत में आईएफसी का सबसे बड़ा हरित वित्तपोषण भी है। इस वित्तपोषण से एक्सिस बैंक अपने जलवायु वित्त पोर्टफोलियो का विस्तार करने में सक्षम होगा।
आईएफसी के प्रबंध निदेशक मुख्तार डियोप ने कहा, ‘यह ऋण न केवल इस उभरते परिसंपत्ति वर्ग में निजी क्षेत्र के निवेश को उत्प्रेरित करेगा, बल्कि एक टिकाऊ समुद्री अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में दीर्घकालिक निधि को भी निर्देशित करेगा।’’
एक्सिस बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमिताभ चौधरी ने बयान में कहा, ‘‘वैश्विक पारिस्थितिकी तंत्र में जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव और पर्यावरण को टिकाऊ रखने के बारे में बढ़ती जागरूकता के साथ बैंकों के लिए स्थायी ऋण व्यवहार को अपनाना अनिवार्य है।’’
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