एक जगह पर लंबे समय तक बैठे रहने, गैजेट्स का ज्यादा इस्तेमाल करने से आंखों के साथ-साथ रीढ़ की हड्डी पर अधिक प्रभाव पड़ता हैरीढ़ की हड्डी में दर्द, जिसे स्पाइनल पेन भी कहा जाता है, एक आम समस्या है जो पीठ, गर्दन या रीढ़ की हड्डी के किसी भी हिस्से में दर्द पैदा कर सकती है। यह दर्द तेज या धीमा, छोटा या लंबा, लगातार या रुक-रुक कर हो सकता है। आज हम आपको बताएँगे आयुर्वेदिक तेल बनाने की विधि जिससे आप हड्डियों के दर्द से पा सकते निजात।
सामग्री:
- नारियल का तेल – 250 मिलीलीटर
- सरसों का तेल – 100 मिलीलीटर
- महुआ के फूल – 50 ग्राम
- कपूर – 10 ग्राम
- लौंग – 10-12
- दालचीनी – 1 छोटा टुकड़ा
- अदरक – 1 छोटा टुकड़ा
- हल्दी – 1 छोटा चम्मच
विधि:
- एक कढ़ाई में नारियल और सरसों का तेल डालकर गरम करें।
- जब तेल गरम हो जाए, तो उसमें महुआ के फूल, कपूर, लौंग, दालचीनी, अदरक और हल्दी डालकर धीमी आंच पर 5 मिनट तक भूनें।
- सभी सामग्री अच्छी तरह भुन जाने के बाद, गैस बंद कर दें और तेल को ठंडा होने दें।
- जब तेल ठंडा हो जाए, तो इसे छानकर एक कांच की बोतल में भर लें।
इस तेल का इस्तेमाल कैसे करें:
- हड्डियों के दर्द पर, इस तेल से मालिश करें।
- गठिया और जोड़ों के दर्द में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
- सिरदर्द और तनाव से राहत के लिए भी इसे लगाया जा सकता है।
नोट:
- इस तेल का इस्तेमाल करने से पहले, थोड़ी मात्रा में त्वचा पर लगाकर पैच टेस्ट जरूर करें।
- यदि आपको कोई एलर्जी है, तो इस तेल का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
- बच्चों की पहुंच से दूर रखें।
यह तेल हड्डियों के दर्द, गठिया, जोड़ों के दर्द, सिरदर्द और तनाव से राहत दिलाने में मददगार है। यह जड़ी-बूटियों से बना है और इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है।
अस्वीकरण:
यह जानकारी केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। यह किसी भी प्रकार के चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। यदि आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो कृपया डॉक्टर से सलाह लें।
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