फैटी लिवर, जिसे हेपेटिक स्टीटोसिस भी कहा जाता है, तब होता है जब लिवर में अतिरिक्त चर्बी जमा हो जाती है। यह समस्या टाइप 2 डायबिटीज, मोटापा और अधिक शराब के सेवन के कारण हो सकती है। अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो लिवर सूजन, फाइब्रोसिस और लिवर फेलियर जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इसके सामान्य लक्षणों में थकान, पेट में दर्द और पीलिया शामिल हैं। इससे बचने के लिए हेल्दी डाइट, नियमित एक्सरसाइज और वजन नियंत्रण जरूरी है।
क्या कहते हैं हेल्थ एक्सपर्ट?
डॉक्टर्स के अनुसार, हर 3 में से 1 व्यक्ति फैटी लिवर की समस्या से जूझ रहा है। इस बीमारी के लक्षण शुरुआती चरण में नजर नहीं आते, लेकिन अगर इसे नजरअंदाज किया जाए, तो लिवर डैमेज या ट्यूमर तक की समस्या हो सकती है। इसके कारण ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और डायबिटीज का खतरा भी बढ़ जाता है। फैटी लिवर का पता लगाने के लिए ब्लड टेस्ट और लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) करवाना जरूरी है।
फैटी लिवर के संकेत:
✔ लगातार थकान महसूस होना
✔ पेट के दाहिने हिस्से में दर्द
✔ अचानक वजन कम होना
✔ भूख कम लगना
✔ कमजोरी और जी मिचलाना
✔ ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत
✔ खून की उल्टी आना
✔ आंखों और त्वचा का पीलापन (पीलिया)
✔ पेट में पानी भरना (एसाइटिस)
कैसे करें बचाव?
✅ वजन को कंट्रोल में रखें।
✅ हेल्दी डाइट अपनाएं और कार्बोहाइड्रेट युक्त चीजों का सेवन करें।
✅ शुगर और फ्रुक्टोज से भरपूर ड्रिंक्स से बचें।
✅ नियमित रूप से एरोबिक एक्सरसाइज करें।
✅ हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज, नट्स और बीज को डाइट में शामिल करें।
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