बार-बार झनझनाहट हो तो सतर्क हो जाएं, हो सकती है विटामिन की कमी

आजकल बहुत से लोग ऐसे शिकायत लेकर डॉक्टर के पास आते हैं कि उन्हें शरीर के किसी हिस्से में लगातार या समय-समय पर झनझनाहट, सुई-चुभने या सुन्नपन जैसा महसूस होता है। इसे चिकित्सा की भाषा में पैरस्थीसिया (Paresthesia) कहा जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह समस्या केवल नर्व या रक्त परिसंचरण की समस्या नहीं होती, बल्कि इसके पीछे अक्सर विटामिन की कमी भी छिपी होती है। खासतौर पर विटामिन B12 की कमी शरीर में इस तरह के लक्षण पैदा कर सकती है।

इस लेख में हम जानेंगे कि शरीर में झनझनाहट महसूस होने के क्या कारण हैं, कौन-कौन से विटामिन इसके लिए जिम्मेदार हैं, और कैसे इस समस्या से बचाव किया जा सकता है।

झनझनाहट क्यों होती है?
जब शरीर के तंत्रिका तंत्र (नर्व सिस्टम) पर दबाव पड़ता है या वह सही तरीके से काम नहीं करता, तो हमें झनझनाहट, सुई चुभने या सूजन जैसी असहज अनुभूति होती है। यह लक्षण कई कारणों से हो सकते हैं:

नसों में चोट या दबाव

रक्त संचार में बाधा

डायबिटीज़ से जुड़ी समस्याएं

विटामिन की कमी, खासकर विटामिन B12, B6, और ई

अन्य न्यूरोलॉजिकल रोग

किस विटामिन की कमी से होती है झनझनाहट?
1. विटामिन B12 की कमी
विटामिन B12 तंत्रिका तंत्र के स्वास्थ्य के लिए बेहद आवश्यक है। इसकी कमी से नसें प्रभावित होती हैं, जिससे हाथ-पैर में झनझनाहट, सुन्नपन और कमजोरी हो सकती है।

B12 की कमी आमतौर पर शाकाहारी भोजन करने वालों, बुजुर्गों, पेट की बीमारियों वाले मरीजों में ज्यादा पाई जाती है।

लंबे समय तक इसकी कमी से न्यूरोपैथी (नसों का नुकसान) हो सकता है।

2. विटामिन B6 की कमी
विटामिन B6 भी तंत्रिका क्रिया में मदद करता है। इसकी कमी होने पर झनझनाहट के साथ-साथ कमजोरी, थकान और त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

3. विटामिन ई की कमी
विटामिन ई एक एंटीऑक्सिडेंट है जो नर्व सेल्स की सुरक्षा करता है। इसकी कमी न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का कारण बन सकती है।

एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

न्यूरोलॉजिस्ट, बताते हैं:
“झनझनाहट का मतलब हमेशा गंभीर बीमारी नहीं होती, लेकिन अगर यह बार-बार हो या लंबे समय तक बना रहे, तो विटामिन की जांच जरूरी है। विशेषकर विटामिन B12 की कमी से न्यूरोपैथी हो सकती है, जिसे समय रहते इलाज करना बहुत आवश्यक है।”

झनझनाहट से बचाव के लिए क्या करें?
संतुलित आहार लें: हरी सब्जियां, मांस, अंडा, डेयरी प्रोडक्ट्स विटामिन B12 से भरपूर होते हैं।

विटामिन सप्लीमेंट्स लें: डॉक्टर की सलाह से विटामिन B12, B6 या ई की गोलियां या इंजेक्शन लें।

नियमित व्यायाम करें: यह रक्त संचार सुधारता है और नसों को मजबूत बनाता है।

धूम्रपान और शराब से बचें: ये नसों को नुकसान पहुंचाते हैं।

डायबिटीज़ का नियंत्रण रखें: क्योंकि मधुमेह भी झनझनाहट की बड़ी वजह है।

कब डॉक्टर से संपर्क करें?
झनझनाहट लगातार बनी रहे

साथ में कमजोरी या संतुलन खोने की समस्या हो

हाथ-पैर सुन्न हों या चलने-फिरने में दिक्कत हो

अन्य कोई गंभीर लक्षण जैसे दृष्टि में बदलाव या बोलने में समस्या आए

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