आधुनिक समय में डायबिटीज के लिए गलत दिनचर्या, खानपान और तनाव जिम्मेवार हैं। इस बीमारी में रक्त में शर्करा स्तर बहुत बढ़ जाता है। डायबिटीज दो प्रकार के होते हैं। टाइप1 डायबिटीज़ में अग्नाशय से इंसुलिन निकलना बंद नहीं होता है। इंसुलिन एक हार्मोन है जो कार्बोहाइड्रेट्स को ग्लूकोज में बदलता है। टाइप 2 डायबिटीज में अग्नाशय से इंसुलिन निकलना पूरी तरह से बंद हो जाता है। इसके लिए टाइप 2 डायबिटीज अधिक खतरनाक है। विशेषज्ञ डायबिटीज के मरीजों को हरी सब्ज़ियां, फल, नट्स और बीज खाने की सलाह देते हैं। साथ ही पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। यह रक्त में ग्लूकोज उत्सर्जन का मुख्य स्त्रोत है। अतः अपनी डाइट में उचित और संतुलित मात्रा में ही कार्बोहाइड्रेट्स शामिल करें। आइए जानते हैं कि डायबिटीज के मरीजों को एक दिन में कितनी मात्रा में कार्बोहाइड्रेट्स का सेवन करना चाहिए-
कितनी मात्रा में कार्बोहाइड्रेट्स लें
कार्बोहाइड्रेट्स ऊर्जा का मुख्य स्त्रोत है। पाचन तंत्र कार्बोहाइड्रेट्स को तोड़कर ग्लूकोज में परिवर्तित कर देता है जो इंसुलिन की मदद से ब्लड सेल्स में प्रवेश करता है। विशेषज्ञों की मानें तो इसका कोई निश्चित उत्तर नहीं है कि दिनभर में कितनी मात्रा में कार्बोहाइड्रेट्स लेना चाहिए?, क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति अलग है और उनके शरीर की आवश्यकता भी अलग है। आमतौर पर डायबिटीज के मरीजों को प्रतिदिन कैलोरी की खपत का आधा हिस्सा कार्बोहाइड्रेट से आना चाहिए।
आसान शब्दों में कहें तो अगर व्यक्ति एक दिन में डाइट के माध्यम से 2000 कैलोरीज लेता है, तो इसमें 1000 कार्बोहाइड्रेट्स होना चाहिए। डायबिटीज के मरीज अपने भोजन के अनुसार कार्ब्स को समान रूप से विभाजित कर सकते हैं। हालांकि, कार्ब शरीर के लिए बेहद जरूरी है। अगर औसत अनुसार प्रतिदिन कम कार्ब्स का सेवन करते हैं, तो इससे थकान और कमजोरी हो सकती है। इसके लिए अपनी डाइट में कार्बोहाइड्रेट्स को कम करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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