देश को झकझोर देने वाले एयर इंडिया विमान हादसे ने न जाने कितने परिवारों की खुशियाँ छीन लीं। हर घर की अपनी एक करुण कहानी है — लेकिन आठ साल के विवान की कहानी हर किसी की आँखें नम कर देती है। मासूम विवान बार-बार अपनी मां से एक ही बात पूछ रहा है –
“मुझे पापा से मिलना है, वो कहाँ हैं?”
विवान को नहीं पता… पापा अब कभी वापस नहीं आएंगे
शुक्रवार रात विवान अपनी मां के साथ लंदन से भारत लौटा। उसका मन इस बात से खुश था कि अब वह अपने पापा अभिनव से मिलेगा। लेकिन उसे ये नहीं मालूम कि वो जिनसे मिलने के लिए उत्साहित था, अब इस दुनिया में नहीं हैं। विमान हादसे में अभिनव की मौत हो चुकी है।
“अभिनव का आखिरी फोन कॉल…”
अभिनव, जो पेशे से एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट का काम शुरू करने की तैयारी में थे, हाल ही में अपने दादाजी के निधन के बाद भारत आए थे। अपने दादा से उनका बेहद लगाव था। लंदन लौटने से पहले उन्होंने एयरपोर्ट से अपनी मां को फोन किया था, कहा था:
“लंदन पहुंचते ही फिर कॉल करूंगा।”
लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
डीएनए रिपोर्ट के इंतजार में परिवार
अभिनव के रिश्तेदार आशीष ने बताया कि हादसे की खबर सुनते ही वह बीकानेर से अहमदाबाद पहुंचे हैं। उन्होंने डीएनए सैंपल दे दिया है, ताकि पार्थिव शरीर की पहचान हो सके। प्रशासन ने 72 घंटे का समय मांगा है।
हादसे में सिर्फ एक बचा – पूरा देश स्तब्ध
गुरुवार को अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रहा एयर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान, उड़ान भरने के कुछ मिनटों बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
इस विमान में 242 यात्री और क्रू थे, जिनमें से सिर्फ एक ब्रिटिश नागरिक विश्वकुमार रमेश ही बच पाए हैं।
इस हादसे में अहमदाबाद के कई स्थानीय नागरिकों और चार मेडिकल छात्रों की भी मौत हो गई।
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