इसरो में करियर कैसे बनाएं? जानिए पूरी राह, कोर्स और तैयारी का प्लान

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) देश की प्रमुख अंतरिक्ष एजेंसी है, जो उपग्रह प्रक्षेपण, ग्रहों की खोज, संचार, रिमोट सेंसिंग और नेविगेशन जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम करती है। यहां काम करना विज्ञान और तकनीक में रुचि रखने वाले युवाओं का सपना होता है। आइए जानें कि ISRO में करियर बनाने के लिए कौन सी पढ़ाई और तैयारी जरूरी है।

इसरो की तैयारी कब और कैसे शुरू करें?
एक्सपर्ट्स की मानें तो इसरो में करियर की तैयारी कक्षा 10वीं के बाद से शुरू हो जाती है। इसके लिए साइंस स्ट्रीम से 12वीं पास होना अनिवार्य है। खासकर जिन छात्रों की रुचि इंजीनियरिंग, फिजिक्स, मैथ्स और स्पेस टेक्नोलॉजी में है, उनके लिए यह रास्ता सबसे उपयुक्त है।

इसरो के लिए कौन-कौन से कोर्स जरूरी?
इंजीनियरिंग की पढ़ाई:
12वीं के बाद छात्र इन विषयों में बीटेक कर सकते हैं:

मैकेनिकल इंजीनियरिंग

इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन

कंप्यूटर साइंस

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग

एयरोस्पेस इंजीनियरिंग

रिसर्च/साइंटिस्ट की तैयारी:

फिजिक्स, मैथ्स या एस्ट्रोनॉमी में B.Sc करने के बाद M.Sc

स्पेस साइंस या कंप्यूटर साइंस में M.Tech या PhD

ध्यान दें: ISRO में आवेदन के लिए न्यूनतम 65% अंक आवश्यक होते हैं, और डिग्री किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से होनी चाहिए।

ISRO की भर्ती प्रक्रिया कैसी होती है?
ISRO की अधिकांश तकनीकी भर्ती ISRO Centralised Recruitment Board (ICRB) के माध्यम से होती है। इसमें:

लिखित परीक्षा

इंटरव्यू

और कई पदों पर GATE स्कोर के माध्यम से भी चयन होता है।

भर्ती की जानकारी ISRO की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से प्रकाशित होती है।

किन कॉलेजों से करें पढ़ाई?
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IITs)

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NITs)

भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (IIST), तिरुवनंतपुरम

IIST खास तौर पर स्पेस साइंस में UG, PG और PhD प्रोग्राम्स चलाता है और ISRO से सीधे जुड़ा हुआ है।

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