हिंदी सिनेमा की दुनिया में कई ऐसे कलाकार हैं जिन्हें सिनेमा ने खुद चुना और गुमनामी से उठाकर शिखर तक पहुंचा दिया। फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे कई सितारे हैं, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और अनोखे अंदाज़ से खुद को अमर बना दिया। इनमें से एक नाम है राजकुमार का।
फिल्म इंडस्ट्री के इस दिग्गज कलाकार का असली नाम कुलभूषण पंडित था, और कभी ये शख्स मुंबई के माहिम थाने में सब-इंस्पेक्टर की नौकरी करता था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था। राजकुमार को सिनेमा ने चुना, और वो बन गए हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के ‘राजकुमार’। आज भी वो अपनी दमदार एक्टिंग और बेबाक अंदाज़ के लिए याद किए जाते हैं।
‘मदर इंडिया’ ने बदली किस्मत
1952 से 1957 तक राजकुमार ने इंडस्ट्री में खूब संघर्ष किया। शुरुआती दिनों में उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गईं। लेकिन फिर साल 1957 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘मदर इंडिया’। इस फिल्म ने उनकी किस्मत बदल दी। डायरेक्टर महबूब खान ने उन्हें फिल्म में एक छोटे से किसान की भूमिका निभाने का मौका दिया। फिल्म में उनके साथ नरगिस भी थीं।
राजकुमार ने अपनी अदाकारी से दर्शकों का दिल जीत लिया, और वो रातों-रात स्टार बन गए। इसके बाद उन्होंने ‘पाकीज़ा’, ‘सौदागर’, ‘तिरंगा’ जैसी कई हिट फिल्मों में अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेरा। राजकुमार ने अपने करियर में लगभग 70 से अधिक फिल्मों में काम किया और लोगों के दिलों पर राज किया।
राजकुमार की बेबाकी के चर्चे
राजकुमार सिर्फ परदे पर ही नहीं, बल्कि असल ज़िंदगी में भी अपने बेबाक और रौबदार अंदाज़ के लिए जाने जाते थे। उनके मुंहफट स्वभाव के कई किस्से आज भी मशहूर हैं।
प्रकाश मेहरा और ‘जंजीर’ का किस्सा:
डायरेक्टर प्रकाश मेहरा फिल्म ‘जंजीर’ के लिए राजकुमार को कास्ट करना चाहते थे। लेकिन राजकुमार ने ये फिल्म करने से मना कर दिया। वजह? उन्हें प्रकाश मेहरा की शक्ल पसंद नहीं आई।
रामानंद सागर और ‘आंखें’:
एक और दिलचस्प किस्सा तब का है जब रामानंद सागर ने फिल्म ‘आंखें’ के लिए राजकुमार से संपर्क किया। राजकुमार ने पहले स्क्रिप्ट पढ़ी, फिर अपने कुत्ते को बुलाकर कहा, “क्या तुम ये फिल्म करना चाहोगे?” कुत्ते के रिएक्शन के बाद राजकुमार ने रामानंद सागर से कहा, “देखो, ये रोल तो मेरा कुत्ता भी नहीं करना चाहता।” यह सुनकर रामानंद सागर को बहुत बुरा लगा, और वो वहां से चले गए।
राजकुमार का यही बेबाक अंदाज़ उन्हें सबसे अलग और खास बनाता था। उनका जीवन और करियर सिनेमा प्रेमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
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