ब्रेन ट्यूमर एक गंभीर लेकिन जटिल बीमारी है, जिसका समय पर पता लगना और उपचार मिलना जीवन रक्षक हो सकता है। हालांकि इसका नाम सुनते ही लोग घबरा जाते हैं, लेकिन हर ब्रेन ट्यूमर कैंसर नहीं होता। कुछ ट्यूमर बेनाइन (गैर-घातक) होते हैं और कुछ मैलिग्नेंट (घातक)।
विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रेन ट्यूमर की पहचान उसके स्थान, प्रकार और गति के आधार पर की जाती है। आज हम जानेंगे कि ब्रेन ट्यूमर कितने तरह के होते हैं, इसके लक्षण क्या हैं, और क्या सावधानियां अपनाकर इससे बचा जा सकता है।
ब्रेन ट्यूमर क्या है?
ब्रेन ट्यूमर मस्तिष्क की कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि है, जो धीरे-धीरे दिमाग के विभिन्न हिस्सों पर दबाव डालने लगती है। इससे सिरदर्द, उलझन, याददाश्त की कमी, देखने-सुनने में दिक्कत जैसे लक्षण सामने आते हैं।
ब्रेन ट्यूमर के प्रकार
ब्रेन ट्यूमर को मुख्यतः दो श्रेणियों में बांटा जाता है:
1. बेनाइन ट्यूमर (Benign Tumor)
यह ट्यूमर धीरे-धीरे बढ़ता है और आमतौर पर आसपास के ऊतकों को नुकसान नहीं पहुंचाता।
आमतौर पर यह सर्जरी से निकाला जा सकता है।
उदाहरण: Meningioma, Schwannoma
2. मैलिग्नेंट ट्यूमर (Malignant Tumor)
यह कैंसरजन्य ट्यूमर होता है और तेजी से फैलता है।
ये मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
उदाहरण: Glioblastoma, Astrocytoma
ब्रेन ट्यूमर को उसके स्रोत के आधार पर भी दो भागों में विभाजित किया जाता है:
3. प्राथमिक ब्रेन ट्यूमर (Primary Brain Tumor)
यह मस्तिष्क की कोशिकाओं से ही उत्पन्न होता है।
इसका फैलाव शरीर के अन्य भागों में नहीं होता।
4. मेटास्टेटिक या सेकेंडरी ब्रेन ट्यूमर (Metastatic Tumor)
यह किसी अन्य अंग (जैसे फेफड़े, स्तन आदि) में कैंसर से शुरू होकर मस्तिष्क तक फैल जाता है।
ब्रेन ट्यूमर के सामान्य लक्षण
डॉ. कहते हैं,
“हर सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर नहीं होता, लेकिन अगर सिरदर्द लंबे समय तक सुबह के समय हो, उल्टी हो, या लगातार बढ़ता जाए तो जांच जरूर करवाएं।”
लगातार और तेज़ सिरदर्द
अचानक दौरे (Seizures)
दृष्टि या श्रवण में परेशानी
बोलने में दिक्कत
शरीर के किसी भाग में कमजोरी या सुन्नपन
संतुलन या स्मृति की समस्या
ब्रेन ट्यूमर के प्रमुख कारण
अनुवांशिक कारक (Genetics)
रेडिएशन के संपर्क में आना
कुछ दुर्लभ वायरल संक्रमण
प्रदूषण और विषैले रसायनों के लंबे समय तक संपर्क
मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक रेडिएशन पर शोध अभी भी जारी है
ब्रेन ट्यूमर से बचाव कैसे करें?
हालांकि ब्रेन ट्यूमर को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है, लेकिन कुछ सावधानियों से जोखिम को कम किया जा सकता है:
नियमित जांच:
खासकर अगर परिवार में किसी को ब्रेन ट्यूमर हुआ हो तो समय-समय पर MRI या CT स्कैन कराना चाहिए।
हेल्दी लाइफस्टाइल:
संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, और पर्याप्त नींद मस्तिष्क की सेहत के लिए जरूरी हैं।
इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का सीमित प्रयोग:
मोबाइल फोन और वायरलेस डिवाइसेज़ से निकलने वाले रेडिएशन से दूरी बनाए रखें।
विषैले पदार्थों से बचाव:
कीटनाशक, पेंट्स, सॉल्वेंट्स आदि के लंबे समय तक संपर्क से बचें।
इलाज के विकल्प
सर्जरी (Tumor Removal)
रेडिएशन थेरेपी
कीमोथेरेपी
इम्यूनोथेरेपी और टारगेटेड दवाएं (मैलिग्नेंट ट्यूमर में)
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