सर्दियों का मौसम केवल ठंड और धुंध के साथ नहीं आता, बल्कि यह दिल और नसों के लिए भी जोखिम भरा हो सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि ठंड के मौसम में रक्त का थक्का जमना (Blood Clotting) आसान हो जाता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
सर्दियों में खून जमने का कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड के मौसम में शरीर की सिरकुलेशन (Blood Circulation) धीमी हो जाती है। यह मुख्य रूप से तीन कारणों से होता है:
सर्दी में रक्त वाहिकाओं का सिकुड़ना (Vasoconstriction)
ठंड लगने पर नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे खून का प्रवाह धीमा हो जाता है। यह थक्के बनने का कारण बन सकता है।
शरीर में पानी की कमी और निर्जलीकरण
सर्दियों में अक्सर लोग पानी कम पीते हैं, जिससे रक्त गाढ़ा हो जाता है। गाढ़ा रक्त थक्का बनने की संभावना बढ़ा देता है।
गतिहीन जीवनशैली
ठंड से बचने के लिए कई लोग घर में कम घूमते हैं। लंबे समय तक बैठने या सोने से ब्लड फ्लो धीमा हो जाता है, जिससे नसों में खून जम सकता है।
कौन अधिक जोखिम में हैं?
कुछ समूहों में सर्दियों में खून जमने का खतरा ज्यादा होता है:
हृदय रोग या हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग
मोटापे या डायबिटीज के मरीज
60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग
धूम्रपान करने वाले और शराब का सेवन करने वाले
डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में हार्ट अटैक और स्ट्रोक के मामलों में वृद्धि देखी गई है।
लक्षण जिन्हें नजरअंदाज न करें
खून जमने या थक्का बनने के कुछ संकेत होते हैं जिन्हें अनदेखा नहीं करना चाहिए:
अचानक सीने में दर्द या दबाव
साँस लेने में तकलीफ
पैर में सूजन, लालिमा या गर्मी
अचानक कमजोरी, चक्कर या हाथ-पाँव में सुन्नपन
यदि इन लक्षणों में से कोई भी दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
सर्दियों में खून जमने से बचाव के उपाय
नियमित व्यायाम: घर में हल्की स्ट्रेचिंग, वॉक या योग करें।
हाइड्रेशन: दिनभर पर्याप्त पानी और गर्म तरल पदार्थ पिएं।
संतुलित आहार: फल, सब्जियां और ओमेगा-3 फैटी एसिड वाले भोजन शामिल करें।
ठंड से सुरक्षा: गर्म कपड़े पहनें, विशेषकर पैर और हाथ।
धूम्रपान और शराब से बचें: ये रक्त को गाढ़ा कर सकते हैं।
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