क्रिकेट के मैदान पर कभी-कभी एक खिलाड़ी ही मैच का रुख मोड़ देता है, और मंगलवार को नेपियर के मैक्लीन पार्क में ऐसा ही नजारा देखने को मिला। न्यूजीलैंड ने वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए दूसरे वनडे में 5 विकेट से रोमांचक जीत दर्ज कर तीन मैचों की सीरीज पर 2-0 से कब्जा जमा लिया। बारिश प्रभावित 34 ओवर के मैच में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247/9 का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया, लेकिन न्यूजीलैंड के कप्तान मिशेल सैंटनर ने आखिरी ओवरों में तूफानी अटैक के साथ वेस्टइंडीज के हलक से जीत छीन ली। सैंटनर ने मात्र 15 गेंदों पर नाबाद 34 रनों की पारी खेली, जिसमें 3 चौके और 2 छक्के शामिल थे, तो टॉम लैथम (39*) के साथ 54 रनों की अटूट साझेदारी कर टीम को 33.3 ओवर में 248/5 पर पहुंचा दिया। इस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने घरेलू सरजामीं पर लगातार 11वीं द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीत का शानदार रिकॉर्ड कायम किया, जो 2019 से अटूट है।
मैच की शुरुआत वेस्टइंडीज के लिए उम्मीदों भरी रही। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए वे 24 ओवरों में 130/6 पर लड़खड़ा चुके थे, लेकिन कप्तान शाई होप ने अकेले दम पर कमान संभाली। होप ने 69 गेंदों पर नाबाद 109 रनों (13 चौके, 4 छक्के) की धमाकेदार पारी खेली, जो उनका 19वां वनडे शतक था। यह शतक वेस्टइंडीज बल्लेबाजों का पांचवां सबसे तेज शतक साबित हुआ, और इसी के साथ होप ने 6000 वनडे रनों का आंकड़ा पार किया – विव रिचर्ड्स के बाद सबसे तेज। शेरफेन रदरफोर्ड (अनस्कोरड) के साथ आखिरी ओवरों में आक्रमण जारी रखा, लेकिन न्यूजीलैंड के गेंदबाजों – मैट हेनरी (2/40) और ब्लेयर टिकनर (1/60) – ने विकेट संभाले। वेस्टइंडीज ने अंत में 247/9 पर सिमट गए, जो लक्ष्य के तौर पर कठिन लेकिन संभव था।
जवाब में न्यूजीलैंड की पारी की शुरुआत भी धमाकेदार रही। डेवोन कॉनवे (90, 84 गेंद, 13 चौके, 1 छक्का) और रचिन रविंद्र (56, 46 गेंद) ने पहले विकेट के लिए 106 रनों की साझेदारी की, जो न्यूजीलैंड की ओपनिंग जोड़ी का 73 मैचों में पहला शतकीय साझेदारी था। कॉनवे की क्लासिकल पारी ने चेज को आसान बना दिया, लेकिन मध्यक्रम में हिचकोले आए – न्यूजीलैंड 194/5 पर पहुंच चुके थे, और 29 गेंदों में 54 रनों की जरूरत थी। रन रेट 13 से ऊपर चढ़ गया था। यहीं सैंटनर ने स्विच ऑन किया। 32वें ओवर में मैथ्यू फोर्ड को 4, 6, 4 ठोककर 18 रन जुटाए, तो अंतिम-1 ओवर में शमर स्प्रिंगर पर चौका-छक्का लगाकर मैच पलट दिया। आखिरी ओवर में जयडेन सील्स की गेंद पर जीत का रन लिया। सैंटनर ने कहा, “यह ग्राउंड पर बचाव करना मुश्किल है। गेंद पुरानी हो गई तो स्कोरिंग आसान हो जाती है, जैसा होप और रविंद्र ने किया। लेकिन हमने विकेट बचाए और अंत में हमला बोला।”
वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने हार के बाद निराशा जताई, “मैंने 109 बनाए, लेकिन यह काफी नहीं था। 120-130 रनों की जरूरत थी। हमने अच्छी बल्लेबाजी की, लेकिन गेंदबाजी में ढील दी।” यह हार वेस्टइंडीज के लिए सीरीज से बाहर होने जैसी है, लेकिन तीसरा वनडे (22 नवंबर, हैमिल्टन) में वे सम्मान बचाने उतरेंगे। न्यूजीलैंड की यह जीत उनके घरेलू वनडे अभियान को मजबूत करती है – 2019 से कोई द्विपक्षीय सीरीज हारी ही नहीं। सैंटनर की कप्तानी में यह तीसरी सीरीज है, और उनकी ऑलराउंड क्षमता ने टीम को नई जान दी। दारिल मिशेल की अनुपस्थिति में भी टीम ने संतुलन बनाए रखा।
क्रिकेट विशेषज्ञों ने सैंटनर की तारीफ की। पूर्व न्यूजीलैंड कप्तान डैनियल विटोरी ने कहा, “सैंटनर का फिनिश क्लच परफॉर्मेंस था। यह न्यूजीलैंड की ताकत है – दबाव में उभरना।” वेस्टइंडीज को अब युवा बल्लेबाजों पर भरोसा करना होगा, क्योंकि होप की एकलौती पारी पर्याप्त नहीं रही। यह सीरीज न्यूजीलैंड के लिए कॉन्फिडेंस बूस्टर है, जो अगले साल चैंपियंस ट्रॉफी की तैयारी कर रही है। फैंस सोशल मीडिया पर #SantnerFireworks ट्रेंड कर रहे हैं, जहां एक यूजर ने लिखा, “11वीं सीरीज जीत – कीविस का घरेलू किला लोहा!” कुल मिलाकर, यह मैच साबित करता है कि क्रिकेट में अंतिम गेंद तक कुछ भी संभव है। न्यूजीलैंड की यह जीत वेस्टइंडीज को सबक देगी कि घरेलू मैदान पर चुनौती देना आसान नहीं।
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