बंबई उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र के ठाणे जिले में बदलापुर कस्बे के एक स्कूल में दो बच्चियों के कथित यौन उत्पीड़न के मामले का स्वतः संज्ञान लिया है।
न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति पृथ्वीराज चव्हाण की खंडपीठ आज यानी बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई करेगी।
स्कूल के एक पुरुष सहायक द्वारा दो बच्चियों का कथित यौन उत्पीड़न किए जाने का मामला सामने आने के बाद बदलापुर में मंगलवार को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ। प्राधिकारियों ने बुधवार को शहर में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दीं। पुलिस ने कहा कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के सिलसिले में 72 लोगों को गिरफ्तार किया है।
आरोपी को 17 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। उसने स्कूल के शौचालय में बच्चियों का कथित यौन उत्पीड़न किया था। एक स्थानीय अदालत ने बुधवार को उसकी पुलिस हिरासत की अवधि 26 अगस्त तक बढ़ा दी।
सरकार ने बच्चियों के कथित यौन उत्पीड़न की जांच के लिए वरिष्ठ आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा) अधिकारी आरती सिंह की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का आदेश दिया है।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी स्कूल के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि मामले की त्वरित सुनवाई की जाएगी तथा दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
स्कूल प्रबंधन ने इस मामले को लेकर प्राचार्य, एक कक्षा अध्यापक और एक महिला सहायिका को निलंबित कर दिया है, जबकि राज्य सरकार ने जांच में कथित रूप से लापरवाही बरतने के लिए एक वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सहित तीन पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने का मंगलवार को आदेश दिया।
विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि बच्चियों के माता-पिता को बदलापुर पुलिस थाने में 11 घंटे तक इंतजार करना पड़ा और उसके बाद ही अधिकारियों ने उनकी शिकायतों पर गौर किया।
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