भारतीय क्रिकेट टीम के तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी को कलकत्ता हाई कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि शमी को अपनी अलग रह रही पत्नी हसीन जहां और बेटी को हर महीने 4 लाख रुपये का गुजारा भत्ता देना होगा। इस फैसले से शमी की कानूनी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
🔍 क्या था पहले का फैसला?
इससे पहले जिला सत्र अदालत ने शमी को पत्नी को 50,000 और बेटी को 80,000 रुपये प्रतिमाह देने का आदेश दिया था। इस आदेश को हसीन जहां ने अपर्याप्त मानते हुए हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।
🧾 हाई कोर्ट ने क्या कहा?
न्यायमूर्ति अजय कुमार मुखर्जी की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा:
“याचिका निपटने तक मोहम्मद शमी को अपनी पत्नी को ₹1.5 लाख और बेटी को ₹2.5 लाख प्रति माह देना उचित और तर्कसंगत है। इसके अलावा, शमी को बेटी की शिक्षा और अन्य ज़रूरतों में भी स्वेच्छा से मदद की छूट दी जाती है।”
🏠 क्या है मामला?
मार्च 2018 में हसीन जहां ने मोहम्मद शमी पर घरेलू हिंसा, धोखा और मैच फिक्सिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी। हालांकि, अब तक कोई भी आरोप साबित नहीं हो सका है। शमी ने सभी आरोपों को बेबुनियाद और साजिश बताया है। फिलहाल हसीन जहां अपनी बेटी के साथ अलग रहती हैं, और दोनों के बीच तलाक का केस लंबित है।
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