आज के बदलते जीवनशैली और खानपान की आदतों के कारण हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ये केवल हृदय या मेटाबोलिक सिस्टम को ही प्रभावित नहीं करतीं, बल्कि आंखों की सेहत पर भी गहरा असर डालती हैं। परिणामस्वरूप लोग अनजाने में अपनी दृष्टि खोने का जोखिम बढ़ा लेते हैं।
आंखों और हाई बीपी का कनेक्शन
हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप से रक्त वाहिकाओं में तनाव बढ़ता है, जिससे आंखों में मौजूद सूक्ष्म रक्त वाहिकाएं कमजोर हो सकती हैं। इसका असर रेटिना पर पड़ता है और रेटिनोपैथी जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। धीरे-धीरे यह दृष्टि धुंधली होने या विजन लॉस तक का कारण बन सकता है।
ब्लड शुगर और आंखों की समस्या
डायबिटीज में ब्लड शुगर लेवल लगातार अधिक रहता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि लंबे समय तक हाई ब्लड शुगर रहने पर डायबिटिक रेटिनोपैथी, मोतियाबिंद और ग्लॉकोमा जैसी गंभीर आंखों की बीमारियां हो सकती हैं। उच्च ग्लूकोज लेवल आंखों की रेटिना की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, जिससे दृष्टि कमजोर होने का खतरा बढ़ता है।
आंखों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी कदम
1. नियमित आंखों की जांच
हाई बीपी या ब्लड शुगर वाले लोगों को साल में कम से कम दो बार आंखों की जांच करानी चाहिए। शुरुआती लक्षणों की पहचान से समय रहते इलाज संभव है।
2. ब्लड प्रेशर और शुगर नियंत्रण
डॉक्टर की सलाह के अनुसार ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना आंखों की सेहत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। नियमित दवा और खानपान में सुधार मददगार साबित होता है।
3. हेल्दी डाइट अपनाएं
विटामिन C, E, जिंक और ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त आहार रेटिना को स्वस्थ रखते हैं। हरी सब्जियां, मेवे और मछली को डाइट में शामिल करना लाभकारी है।
4. स्क्रीन टाइम पर नियंत्रण
लैपटॉप, मोबाइल और टीवी के लंबे समय तक इस्तेमाल से आंखों पर तनाव बढ़ता है। हर 1–2 घंटे में 10 मिनट का ब्रेक और आंखों की एक्सरसाइज करें।
5. धूम्रपान और शराब से बचाव
धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन आंखों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है। इसे सीमित या पूरी तरह बंद करना चाहिए।
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