उच्च रक्तचाप और अल्ज़ाइमर का सीधा संबंध, नई स्टडी ने बढ़ाई चिंता

उच्च रक्तचाप, जिसे आमतौर पर केवल दिल और धमनी संबंधी बीमारियों से जोड़ा जाता है, अब मस्तिष्क के स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव डालता पाया गया है। हाल ही में प्रकाशित एक मेडिकल शोध में यह चौंकाने वाला खुलासा किया गया है कि लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर रहने से अल्ज़ाइमर और डिमेंशिया का जोखिम कई गुना बढ़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह शोध दुनिया भर में हाई BP से पीड़ित करोड़ों लोगों के लिए महत्वपूर्ण चेतावनी है।

मस्तिष्क पर हाई BP का प्रभाव

शोधकर्ताओं के अनुसार, लगातार बढ़ा हुआ रक्तचाप मस्तिष्क की छोटी रक्त वाहिकाओं पर दबाव डालता है। इसकी वजह से मस्तिष्क को मिलने वाली ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति प्रभावित होती है। लंबे समय तक ऐसा होने से—

ब्रेन सेल्स कमजोर होने लगती हैं

न्यूरॉन कनेक्टिविटी पर प्रभाव पड़ता है

स्मृति और तर्क क्षमता धीमी पड़ सकती है

इन्हीं बदलावों को अल्ज़ाइमर के शुरुआती संकेत माना जाता है।

शोध के प्रमुख निष्कर्ष

स्टडी में बताया गया कि जिन लोगों का हाई BP लंबे समय तक अनियंत्रित रहा, उनमें—

मस्तिष्क के सफेद पदार्थ (white matter) में क्षति अधिक पाई गई

ब्रेन श्रिंकिंग (मस्तिष्क का सिकुड़ना) अधिक देखा गया

स्मृति और सीखने की क्षमता में तेजी से गिरावट देखी गई

यह बदलाव अल्ज़ाइमर बीमारी की दिशा में बढ़ने वाले संकेत हैं।

स्टडी के अनुसार, हाई BP मरीजों में अल्ज़ाइमर का खतरा 35% तक बढ़ सकता है, खासकर तब जब BP 140/90 से ऊपर लंबे समय तक बना रहे।

डॉक्टर्स की राय

न्यूरोलॉजिस्ट का कहना है कि मस्तिष्क के नाजुक हिस्सों में अत्यधिक प्रेशर “सूक्ष्म क्षति” करता है, जो समय के साथ अल्ज़ाइमर के रूप में उभर सकती है। यदि BP को समय रहते नियंत्रित किया जाए, तो मस्तिष्क को होने वाली इस क्षति को काफी हद तक रोका जा सकता है।

एक विशेषज्ञ के शब्दों में—
“हाई BP को नज़रअंदाज़ करना सिर्फ दिल के लिए नहीं, दिमाग के भविष्य के लिए भी जोखिम भरा है। BP कंट्रोल करना अल्ज़ाइमर की रोकथाम का सबसे सरल उपाय है।”

कैसे करें हाई BP को कंट्रोल

नियमित BP मॉनिटरिंग
हर सप्ताह BP चेक कर रीडिंग का रिकॉर्ड रखें।

संतुलित आहार
कम नमक, हरी सब्जियाँ, फल और ओमेगा-3 युक्त आहार लाभकारी है।

धीमी और नियमित व्यायाम
रोजाना 30 मिनट की वॉक BP को नियंत्रित रखने में सबसे उपयोगी मानी गई है।

तनाव कम करें
तनाव सीधे BP बढ़ाता है। योग और मेडिटेशन उपयोगी साबित होते हैं।

नींद पूरी करें
नींद की कमी भी उच्च रक्तचाप का बड़ा कारण है।

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