दिल्ली विधानसभा सत्र के आखिरी दिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं में भारी भ्रष्टाचार किया और 1216 करोड़ रुपये के अस्पतालों का कोई अता-पता नहीं है। एलएनजेपी अस्पताल का निर्माण शुरू में 519 करोड़ रुपये में होना था, लेकिन अब तक 1165 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं और फिर भी काम अधूरा है।
‘नकली दवा, असली पेमेंट’ – दिल्ली के अस्पतालों में घोटाला?
सीएम गुप्ता ने विधानसभा में कहा कि दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को नकली दवाएं दी गईं, लेकिन असली पेमेंट वसूली गई। मोहल्ला क्लिनिक में फर्जी मरीजों का नाम दर्ज कर फंड निकाला गया। बंद पड़े अस्पतालों में भी पेमेंट जारी हुई। उन्होंने कहा कि दवाई, टेस्टिंग, भर्ती और सफाई के नाम पर बड़ा घोटाला हुआ है।
AAP के 10 साल = घोटालों की सरकार?
रेखा गुप्ता ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार के 10 साल घोटालों से भरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान सरकार का बजट कम इस्तेमाल हुआ, जबकि परिवारजन अस्पतालों में इलाज के लिए तड़प रहे थे। कैग रिपोर्ट के आधार पर यह साफ है कि 10 रुपये का मास्क 150 रुपये में खरीदा गया, 10 हजार रुपये की मशीन लाखों में खरीदी गई।
केजरीवाल किस बिल में घुस गए हैं?
सीएम गुप्ता ने आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “मुझे आतिशी की चिंता है, केजरीवाल किस बिल में छुपे हैं? अगर स्वाति मालीवाल के साथ उनके घर में मारपीट हो सकती है, तो आतिशी के साथ भी ऐसा हो सकता है।” उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय सिर्फ हंगामा कर रही है।
कैग रिपोर्ट से AAP पर दबाव बढ़ा, आतिशी ने किया पलटवार
विधानसभा में कैग रिपोर्ट को लेकर बीजेपी ने आम आदमी पार्टी पर हमला बोला, लेकिन पूर्व सीएम आतिशी ने इसका जवाब देते हुए कहा, “बीजेपी को कैग की रिपोर्ट पर अचानक इतनी श्रद्धा कैसे आ गई?” उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड के वन विभाग में पैसे से iPhone खरीदे गए, द्वारका एक्सप्रेसवे में गड़बड़ी हुई, लेकिन उन कैग रिपोर्टों पर चर्चा नहीं हुई।
कैग रिपोर्ट की होगी जांच, PAC को भेजा गया मामला
दिल्ली विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि हेल्थ डिपार्टमेंट पर जारी कैग रिपोर्ट को जांच के लिए पीएसी (पब्लिक अकाउंट्स कमेटी) के पास भेजा जाएगा। कमेटी तीन महीने में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। इसके अलावा, स्वास्थ्य मंत्रालय को भी यह रिपोर्ट भेजी जाएगी और एक महीने में ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ (ATR) जारी होगी।
दिल्ली की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर मचे इस घमासान ने सियासी हलचल तेज कर दी है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में क्या कोई बड़ा खुलासा होता है या यह मामला सिर्फ राजनीतिक बहस तक ही सीमित रह जाता है।
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