बालों का झड़ना एक सामान्य समस्या होती है, जिसमें कुछ बाल टूटते हैं। लेकिन जब अचानक बहुत सारे बाल झड़ने लगे, तो यह गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। लोग आमतौर पर तनाव और खराब देखभाल को इसके लिए जिम्मेदार मानते हैं, लेकिन कई बार यह हार्मोनल असंतुलन के कारण भी हो सकता है। आइए जानते हैं इस पर हेल्थ एक्सपर्ट्स का क्या कहना है?
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
हार्मोनल उतार-चढ़ाव के कारण बालों का झड़ना बेहद आम है, लेकिन कैसे? क्या इसके लिए जीवनशैली को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है? डॉक्टर के अनुसार, बालों के विकास में हार्मोन का महत्वपूर्ण योगदान होता है। जब ये असंतुलित हो जाते हैं, तो बालों में कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जैसे अधिक बालों का झड़ना, बालों का पतला होना, और गंजापन। डॉ. जांगिड़ बताते हैं कि बहुत से मरीज मेरे पास बालों के झड़ने की चिंता लेकर आते हैं, और उन्हें लगता है कि यह खराब खानपान या तनाव के कारण हो रहा है, लेकिन कई बार हार्मोनल असंतुलन ही असली वजह होती है।
हार्मोन बालों को कैसे प्रभावित करते हैं?
कई हार्मोन बालों को प्रभावित करते हैं और उनके असंतुलन से बदलाव हो सकते हैं:
एण्ड्रोजन (पुरुष हार्मोन): एण्ड्रोजन, खासकर डाइहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन (DHT) का बढ़ना, एण्ड्रोजेनिक एलोपेसिया (गंजापन) का कारण बन सकता है, जो पुरुषों और महिलाओं दोनों में देखा जाता है।
थायराइड हार्मोन: हाइपरथायरायडिज्म या हाइपोथायरायडिज्म थायराइड बालों के विकास को रोक सकता है, जिससे बाल झड़ने की संभावना बढ़ जाती है।
एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन: गर्भावस्था, पोस्टपार्टम और मेनोपॉज के दौरान हार्मोनल उतार-चढ़ाव से बालों के झड़ने की समस्या हो सकती है।
कैसे करें बचाव?
हार्मोन थेरेपी: यदि थायराइड हार्मोन या एस्ट्रोजन का स्तर असंतुलित हो, तो हार्मोन थेरेपी के माध्यम से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
टॉपिकल ट्रीटमेंट्स: मिनोक्सिडिल को एंड्रोजेनिक एलोपेसिया के इलाज के लिए व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है।
दवाएं: स्पिरोनोलैक्टोन जैसे एंटी-एण्ड्रोजन दवाएं DHT से जुड़ी समस्याओं को कम कर सकती हैं और बालों के झड़ने को रोकने में मदद करती हैं।
यह भी पढ़ें:
क्या आपके कानों में लगातार खुजली होती है? जानें इसके गंभीर संकेत
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check