लंबे, घने और मजबूत बाल हर किसी की चाहत होती है। लेकिन आजकल बालों का झड़ना एक आम समस्या बन चुकी है, जो उम्र, जेंडर और लाइफस्टाइल से परे सभी को प्रभावित कर रही है। इसी बालों से जुड़ी एक कम जानी-पहचानी बीमारी है “ट्रैक्शन एलोपेसिया”, जो धीरे-धीरे बालों की जड़ों को कमजोर कर बालों के झड़ने का कारण बनती है। हैरानी की बात यह है कि यह बीमारी अक्सर हमारी गलत कंघी करने की आदत या टाइट हेयरस्टाइल्स की वजह से होती है।
क्या है ट्रैक्शन एलोपेसिया?
ट्रैक्शन एलोपेसिया बालों के झड़ने की एक स्थिति है, जो लगातार बालों को खींचने या तनाव देने के कारण होती है। जब हम रोजाना बालों को टाइट बांधते हैं या बार-बार एक ही दिशा में खींचते हैं, तो स्कैल्प के हेयर फॉलिक्ल्स कमजोर हो जाते हैं, जिससे उस जगह के बाल झड़ने लगते हैं। यदि समय रहते इसे नजरअंदाज किया जाए, तो उस हिस्से पर दोबारा बाल आना मुश्किल हो सकता है।
कंघी से कैसे हो सकता है ट्रैक्शन एलोपेसिया?
हम अक्सर बिना ध्यान दिए बालों में कंघी करते हैं – वो भी तेज़ी से और बार-बार एक ही दिशा में।
ज्यादातर लोग बालों को पीछे की ओर खींचकर पोनी टेल या जूड़ा बनाते हैं, जिससे लगातार खिंचाव पड़ता है और बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं। यही खिंचाव ट्रैक्शन एलोपेसिया को जन्म देता है।
इसके मुख्य कारण:
लगातार टाइट पोनी टेल या चोटी बनाना
हेयर बन्स को कसकर बांधना
जोर-जोर से बालों में कंघी करना
हेयर एक्सटेंशन या विग्स का अत्यधिक इस्तेमाल
हमेशा एक ही तरह की स्ट्रेसफुल हेयरस्टाइल अपनाना
ट्रैक्शन एलोपेसिया के शुरुआती लक्षण:
एक जगह से अचानक बालों का झड़ना
स्कैल्प पर खुजली या जलन
बालों का पतला और रूखा होना
सिर की त्वचा पर लाली, सूजन या चकत्ते
कैसे बचें इस हेयर प्रॉब्लम से?
टाइट हेयरस्टाइल्स से बचें — पोनीटेल, जूड़े या चोटी को ढीला रखें।
सौम्य कंघी का इस्तेमाल करें — बालों को झटके से न खींचें।
रोजाना एक ही दिशा में हेयरस्टाइल न बनाएं, बदलाव करते रहें।
कम से कम केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें।
बालों की साफ-सफाई और मॉइस्चराइज़ेशन का खास ध्यान रखें।
अगर बालों में कोई असामान्य बदलाव नजर आए, तो तुरंत हेयर एक्सपर्ट से संपर्क करें।
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