ग्रीन टी सिर्फ वज़न घटाने के लिए नहीं, बल्कि यूरिक एसिड जैसी गंभीर समस्याओं को कम करने में भी मददगार हो सकती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और फाइटोकेमिकल्स शरीर में यूरिक एसिड को बनने से रोकने और बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाते हैं।
आइए जानते हैं, कैसे ग्रीन टी यूरिक एसिड और गाउट जैसी समस्याओं में राहत देती है।
1. Hyperuricemia को करता है कंट्रोल
जब शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा जरूरत से ज़्यादा बढ़ जाती है, तो इसे हाइपरयूरिसीमिया कहते हैं। इससे जोड़ों में यूरिक एसिड क्रिस्टल्स जमने लगते हैं, जिससे तेज़ दर्द और सूजन हो सकती है।
ग्रीन टी में मौजूद फाइटोकेमिकल्स इन क्रिस्टल्स को जमने से रोकते हैं और धीरे-धीरे उन्हें घोलने में भी मदद करते हैं।
2. प्यूरिन क्रिस्टल्स को तोड़ने में मददगार
ग्रीन टी के शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट, प्यूरिन से बनने वाले क्रिस्टल्स को पिघलाने का काम करते हैं। इससे ये क्रिस्टल्स पेशाब के ज़रिए शरीर से बाहर निकल जाते हैं और गठिया (gout) का खतरा कम हो जाता है।
3. दर्द और सूजन में आराम
ग्रीन टी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो गाउट के दौरान जोड़ों में होने वाली सूजन और दर्द को कम करने में मदद करते हैं। नियमित रूप से ग्रीन टी पीने से शरीर में सूजन और दर्द की तीव्रता घटती है, जिससे व्यक्ति को राहत मिलती है।
कैसे और कब पिएं ग्रीन टी?
दिन में 1-2 कप ग्रीन टी यूरिक एसिड के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकती है।
खाने के एक घंटे बाद पीना बेहतर रहता है।
सोने से ठीक पहले ग्रीन टी पीने से बचें।
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