सौंदर्य और त्वचा की देखभाल में घरेलू नुस्खों का महत्व सदियों से रहा है। भारत में बेसन और मुल्तानी मिट्टी (फुलर अर्थ) को चेहरे की सफाई और निखार के लिए सदाबहार उपाय माना जाता है। दोनों का उपयोग हजारों घरों में नियमित रूप से होता है, लेकिन अक्सर लोग यह सवाल करते हैं कि बेसन और मुल्तानी मिट्टी में से कौन सा स्किन के लिए बेहतर है?
आइए जानते हैं इनके गुण, फायदे और कौन-सी त्वचा के लिए कौन सा विकल्प ज्यादा उपयुक्त रहेगा।
बेसन: त्वचा की साफ-सफाई और निखार के लिए
बेसन यानी चने का आटा, प्राकृतिक रूप से स्क्रबिंग एजेंट की तरह काम करता है। यह त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाकर त्वचा को साफ और मुलायम बनाता है। बेसन में मौजूद प्रोटीन और विटामिन्स त्वचा को पोषण भी देते हैं।
फायदे:
बेसन तेलीय और मिक्स्ड त्वचा वालों के लिए फायदेमंद होता है।
यह त्वचा के तेल को नियंत्रित करता है और दाग-धब्बों को हल्का करने में मदद करता है।
बेसन को दही, हल्दी या दूध के साथ मिलाकर फेसपैक बनाया जा सकता है, जो स्किन टोन निखारने में सहायक होता है।
ध्यान रखें:
सुखी और संवेदनशील त्वचा वालों को बेसन के इस्तेमाल में सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि यह त्वचा को थोड़ा ड्राई कर सकता है।
मुल्तानी मिट्टी: प्राकृतिक क्लेंजर और त्वचा ठंडकाने वाला
मुल्तानी मिट्टी प्राकृतिक रूप से एक उत्कृष्ट क्लेंजर है, जो त्वचा की गहराई से सफाई करता है। यह अतिरिक्त तेल और गंदगी को सोख कर त्वचा को ताजगी और ठंडक प्रदान करती है। मुल्तानी मिट्टी में मौजूद मिनरल्स त्वचा के पोर्स को टाइट करते हैं और एक तरह से त्वचा की चमक बढ़ाते हैं।
फायदे:
विशेष रूप से तैलीय और मिक्स्ड त्वचा के लिए उपयुक्त।
पिंपल्स और एक्ने के इलाज में भी मददगार।
इसे गुलाबजल या एलोवेरा जेल के साथ मिलाकर उपयोग किया जाता है।
ध्यान रखें:
यह मिश्रण कुछ लोगों की त्वचा को बहुत सूखा सकता है, इसलिए इसके बाद मॉइस्चराइजर लगाना जरूरी है।
कौन सा है बेहतर?
यदि आपकी त्वचा तेलीय या मिक्स्ड है, तो मुल्तानी मिट्टी आपके लिए अधिक उपयुक्त रहेगी क्योंकि यह अतिरिक्त तेल को नियंत्रित करती है।
सुखी और संवेदनशील त्वचा वालों के लिए बेसन को दही या दूध के साथ मिलाकर हल्के रूप में उपयोग करना बेहतर होता है।
अगर आप त्वचा के दाग-धब्बे और रंगत सुधारना चाहते हैं तो बेसन के फेसपैक को प्राथमिकता दें।
त्वचा की गहराई से सफाई और पोर्स टाइट करने के लिए मुल्तानी मिट्टी ज्यादा असरदार साबित होती है।
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