मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे अब बनकर तैयार हो गया है। 20 जून को इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे 91.35 किमी लंबा है और इसके निर्माण पर कुल 7283.28 करोड़ रुपये खर्च हुए है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे रफ्तार के साथ आवागमन सुगमता का भी माध्यम बनेगा। प्रदेश में रोड कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने व गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।
यह प्रोजेक्ट न केवल पूर्वांचल की प्रगति की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि रफ्तार, विकास और सुगम यातायात का नया उदाहरण भी पेश करेगा।
✔️ क्या है गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की खासियत:
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लंबाई: कुल 91.35 किलोमीटर
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निर्माण खर्च: ₹7283.28 करोड़
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समाप्ति बिंदु: यह एक्सप्रेसवे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़कर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक, व्यापारिक और कृषि केंद्रों तक सीधी पहुंच प्रदान करता है।
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लाभार्थी क्षेत्र: गोरखपुर, अंबेडकरनगर, आजमगढ़ और अन्य पूर्वांचलीय जिलों को मिलेगा सीधा लाभ।
✔️ क्या होगा फायदा?
इस एक्सप्रेसवे के बनने से:
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क्षेत्रीय सड़क कनेक्टिविटी मजबूत होगी,
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यातायात समय में भारी कमी आएगी,
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व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा,
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और आम नागरिकों को सुगम और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा।
गौरतलब है कि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की योजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विकास के संतुलित मॉडल को ध्यान में रखते हुए बनाई गई थी। इस परियोजना के माध्यम से न केवल गोरखपुर बल्कि समूचे पूर्वांचल के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
जनता में उत्साह
गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में इस परियोजना को लेकर काफी उत्साह और उम्मीद का माहौल है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि इस एक्सप्रेसवे से न सिर्फ यातायात सुगम होगा, बल्कि यह रोज़गार और निवेश के नए अवसर भी पैदा करेगा।
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