गूगल की तकनीकी चूक! अपने ही कर्मचारी को फिर से दे डाली नौकरी का ऑफर

आधुनिक तकनीक और ऑटोमेशन के दौर में गूगल जैसी दिग्गज कंपनियां भले ही अपनी तकनीकी क्षमता पर गर्व करती हों, लेकिन कभी-कभी वही तकनीक मजेदार और अजीब स्थितियों को जन्म दे देती है। हाल ही में गूगल में एक ऐसा ही मामला सामने आया, जब कंपनी ने अपने ही मौजूदा कर्मचारी को दोबारा नौकरी का ऑफर भेज दिया।

इस कर्मचारी ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म LinkedIn पर पोस्ट कर बताया कि उसे गूगल की ओर से इंटरव्यू के लिए ईमेल मिला, जिसमें उसे उसी पोजीशन के लिए अप्लाई करने को कहा गया, जिसमें वह पहले से ही काम कर रहा है। पहले तो उसने इसे एक मजाक समझा, लेकिन जब उसने मेल की गहराई से जांच की, तो पाया कि यह वास्तव में Google के रिक्रूटमेंट सिस्टम द्वारा ऑटो-जनरेटेड संदेश था।

ऑटोमेशन बनी वजह

विशेषज्ञों के अनुसार, यह घटना गूगल की AI-आधारित रिक्रूटमेंट प्रणाली में आए एक तकनीकी दोष या डेटा मिसमैच का नतीजा हो सकती है। इन दिनों कंपनियां हज़ारों आवेदन रोजाना प्रोसेस करने के लिए Machine Learning और Automation Tools का सहारा लेती हैं। यदि इन टूल्स में डेटा सही तरीके से अपडेट न किया जाए, तो ऐसे विचित्र मामले सामने आ सकते हैं।

डेटा डुप्लिकेशन बना कारण

संभावना जताई जा रही है कि यह कर्मचारी गूगल की आंतरिक परियोजना या किसी अन्य टीम से जुड़ा था, और उसकी प्रोफाइल कंपनी की ओपन पोजीशन के डेटाबेस में दोबारा अपलोड हो गई होगी। ऐसे में सिस्टम ने उसे “बाहरी कैंडिडेट” मानकर ऑटोमैटिक रूप से इंटरव्यू का निमंत्रण भेज दिया।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

यह मामला जैसे ही सोशल मीडिया पर आया, यूज़र्स ने इसे हल्के-फुल्के अंदाज़ में लिया। कई लोगों ने कहा, “कम से कम गूगल तो अपने कर्मचारियों को फिर से नौकरी दे रहा है!” वहीं कुछ विशेषज्ञों ने इसे ऑटोमेशन पर अधिक निर्भरता का साइड इफेक्ट बताया।

गूगल ने क्या कहा?

गूगल की ओर से इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, कंपनी ने मामले की जांच शुरू कर दी है और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो इसके लिए सिस्टम में सुधार किया जा रहा है।

तकनीकी दुनिया की सच्चाई

यह घटना दर्शाती है कि चाहे सिस्टम कितना भी स्मार्ट हो, मानव निगरानी और डेटा की सटीकता आज भी उतनी ही जरूरी है। AI और ऑटोमेशन जहां काम को तेज़ बनाते हैं, वहीं बिना निगरानी के ये गलत निर्णय भी ले सकते हैं।

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