तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी कंपनी Google ने अपने स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं के लिए बैटरी जीवन को लंबे समय तक बनाए रखने वाला नया फीचर पेश किया है। कंपनी का यह नया फीचर ‘Battery Health Assistance’ नाम से जाना जा रहा है, जिसका उद्देश्य लिथियम-आयन बैटरियों में समय के साथ होने वाली गिरावट (डिग्रेडेशन) को नियंत्रित करना है।
बैटरियों की उम्र बढ़ने के साथ उनकी क्षमता कम हो जाती है, जिससे स्मार्टफोन ढंग से चार्ज नहीं लेते, तेजी से डिस्चार्ज होते हैं और कभी-कभी उपयोगकर्ता अनुभव पर भी असर पड़ता है। Google के अनुसार, इस नए सॉफ़्टवेयर फीचर के जरिए बैटरी के मैक्सिमम वोल्टेज और चार्जिंग स्पीड को धीरे-धीरे समायोजित किया जाएगा, जिससे बैटरी की दीर्घकालीन स्वास्थ्य बनी रहे।
कंपनी ने शुरुआत में इस फीचर को अपने आगामी Pixel 9a मॉडल में शामिल करने का ऐलान किया है, जो अप्रैल 2025 में लॉन्च होने वाला है।
उपयोगकर्ता प्रायः 200 चार्ज-साइकिल्स के बाद बैटरी प्रदर्शन में गिरावट महसूस करने लगते हैं; Google का कहना है कि इसी बिंदु से यह फीचर सक्रिय होगा और 1000 चार्ज-साइकिल तक बैटरी को स्वस्थ बनाए रखने का प्रयास करेगा।
इस प्रक्रिया में चार्जिंग स्पीड हल्की-हल्की कम हो सकती है या बैटरी फुल वोल्टेज तक चार्ज नहीं होगी—लेकिन कंपनी का दावा है कि इस तरह बैटरी लंबे समय तक अपने स्वास्थ्य को बनाए रख सकेगी।
विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम स्मार्टफोन उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बैटरी स्वास्थ्य उपयोगकर्ताओं की सबसे बड़ी चिंता में से एक रहा है। यदि बैटरी जल्दी खत्म हो जाए, तो उपयोगकर्ता को बार-बार चार्ज करना पड़ता है या बैटरी बदलवानी पड़ सकती है। Google इस समस्या को मिटाना चाहता है।
हालाँकि, कुछ समीक्षकों ने इस फीचर को लेकर आलोचना भी की है कि यह उपयोगकर्ता को वैकल्पिक रूप से सक्रिय नहीं करने देगा। यानी यदि बैटरी धीमी चार्ज होती है या काम कम कर रही है, तब भी उपयोगकर्ता के पास स्वयं इसे बंद करने का विकल्प नहीं होगा।
भारतीय बाजार में भी यह बात मायने रखती है क्योंकि यहाँ स्मार्टफोन उपयोग बहुत व्यापक है, और बैटरी-प्रदर्शन पर उपभोक्ता बहुत संवेदनशील होते हैं। Google ने भारत में भी इसे अपनाने की दिशा में संकेत दिए हैं, जिससे कि इसके स्मार्टफोन लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन दें।
निष्पक्ष यह है कि यह फीचर बैटरी लाइफ को तुरंत दोगु या तिगुना नहीं कर देगा, लेकिन बैटरी की उम्र बढ़ने पर प्रदर्शन में जो गिरावट आती है, उसे कम करने में सहायक साबित हो सकता है। ऐसे में यदि आप नया Google स्मार्टफोन लेने की सोच रहे हैं, तो यह बैटरी-हेल्थ मैनेजमेंट फीचर आपके फैसले को प्रभावित कर सकता है।
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