अगर आपके स्मार्टफोन की बैटरी कुछ ही घंटों में खत्म हो जाती है, तो इसका कारण सिर्फ पुराना फोन नहीं, बल्कि कुछ “भूखी” ऐप्स भी हैं जो बैकग्राउंड में लगातार ऊर्जा खपत करती रहती हैं। अब गूगल ने इन पर नकेल कसने की ठान ली है। कंपनी ने ऐलान किया है कि वह आने वाले अपडेट्स में ऐसी ऐप्स पर सख्त नियम लागू करेगी जो जरूरत से ज्यादा बैटरी खर्च करती हैं।
एंड्रॉयड के लिए नई नीति
गूगल ने अपनी Play Store Developer Policy में बदलाव की घोषणा की है, जिसके तहत डेवलपर्स को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी ऐप बैकग्राउंड में चलने पर न्यूनतम बैटरी और डेटा का उपयोग करे। जो ऐप्स इस नियम का पालन नहीं करेंगी, उन्हें या तो चेतावनी दी जाएगी या फिर Play Store से हटाया जा सकता है।
गूगल का कहना है कि यह कदम यूज़र एक्सपीरियंस बेहतर करने और डिवाइस की परफॉर्मेंस को लंबा बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
बैकग्राउंड प्रोसेसिंग पर निगरानी
अब तक कई ऐप्स, खासकर सोशल मीडिया, शॉपिंग या लोकेशन-ट्रैकिंग से जुड़ी ऐप्स, यूज़र के फोन पर लगातार बैकग्राउंड में सक्रिय रहती थीं। ये ऐप्स न सिर्फ बैटरी खत्म करती हैं, बल्कि डेटा और प्रोसेसर पर भी अतिरिक्त बोझ डालती हैं।
गूगल के नए सिस्टम के तहत, एंड्रॉयड अब इन ऐप्स की बैकग्राउंड एक्टिविटी को सीमित करेगा। डेवलपर्स को यह बताना होगा कि ऐप बैकग्राउंड में क्या-क्या करती है और क्यों। इस पारदर्शिता के ज़रिए यूज़र्स को भी पता चलेगा कि कौन सी ऐप ज़रूरत से ज़्यादा रिसोर्स ले रही है।
एंड्रॉयड 15 में नए फीचर की उम्मीद
सूत्रों के मुताबिक, गूगल आगामी Android 15 में “Smart Battery Management” नाम का फीचर जोड़ने की तैयारी में है। यह सिस्टम ऑटोमैटिक तरीके से उन ऐप्स की पहचान करेगा जो बार-बार बैकग्राउंड में चलकर बैटरी खत्म करती हैं। ऐसी ऐप्स को सिस्टम ऑटोमेटिकली “स्लीप मोड” में डाल देगा, जिससे उनकी बैकग्राउंड ऐक्टिविटी सीमित हो जाएगी।
इसके साथ ही यूज़र्स को सेटिंग्स में एक नया “Battery Usage Insight” पैनल मिलेगा, जिसमें दिखेगा कि कौन सी ऐप कितनी बैटरी खा रही है और कब से सक्रिय है।
यूज़र्स को मिलेगा फायदा
इस बदलाव से न सिर्फ बैटरी बैकअप बेहतर होगा, बल्कि फोन की गर्मी (Heating) और धीमे प्रदर्शन (Lag) की समस्या भी कम होगी। खासकर पुराने डिवाइस इस्तेमाल करने वाले यूज़र्स के लिए यह एक बड़ी राहत साबित होगी।
डेवलपर्स के लिए चेतावनी
गूगल ने साफ कहा है कि जो ऐप्स बिना कारण लगातार GPS, ब्लूटूथ या नेटवर्क एक्सेस करती हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कंपनी ने डेवलपर्स को नई नीतियों के मुताबिक ऐप्स को अपडेट करने के लिए कुछ महीनों की मोहलत दी है।
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