भारत और वेस्ट इंडीज के बीच चल रही टी20 सीरीज में जहां भारत की युवा टीम दमखम दिखा रही है, वहीं टीम के युवा कप्तान शुभमन गिल ने क्रिकेट के भविष्य को लेकर एक अहम मुद्दे पर अपनी राय दी है। गिल ने ICC द्वारा प्रस्तावित ‘दो-स्तरीय प्रणाली’ (Two-Tier System) पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर किसी टीम की नींव सिर्फ टी20 क्रिकेट पर टिकी है, तो यह उस टीम के विकास और संतुलन के लिए चिंताजनक संकेत हो सकता है।
क्या है ‘दो-स्तरीय प्रणाली’?
ICC के हालिया प्रस्ताव में कहा गया है कि टेस्ट क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा को बनाए रखने के लिए टीमों को दो स्तरों (Tier 1 और Tier 2) में बांटा जा सकता है। इस प्रणाली के तहत प्रदर्शन के आधार पर प्रमोशन और डिमोशन का प्रावधान होगा।
यह प्रस्ताव अभी विचाराधीन है, लेकिन क्रिकेट जगत में इसे लेकर विभाजित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
गिल का तर्क: “सिर्फ टी20 नहीं, हर फॉर्मेट ज़रूरी”
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब शुभमन गिल से इस प्रणाली पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा:
“अगर किसी टीम की नींव केवल टी20 क्रिकेट पर टिकी है और वह टेस्ट या वनडे क्रिकेट में निवेश नहीं कर रही, तो यह उस देश की क्रिकेट संरचना के लिए खतरनाक संकेत है। हर फॉर्मेट की अपनी अहमियत है।”
गिल ने आगे यह भी जोड़ा कि भारत जैसी टीमों को हर फॉर्मेट में गहराई और संतुलन बनाए रखने की आदत है, और यही कारण है कि टीम इंडिया को “क्रिकेट की मजबूत नींव” कहा जाता है।
युवाओं को चाहिए तीनों फॉर्मेट में मौके
गिल ने यह भी रेखांकित किया कि युवा खिलाड़ियों को सिर्फ टी20 स्पेशलिस्ट बनाना खतरनाक ट्रेंड बन सकता है। “हर युवा को टेस्ट, वनडे और टी20 — सभी फॉर्मेट में परखा जाना चाहिए। इससे उनकी तकनीक, धैर्य और खेल की समझ बेहतर होती है।”
भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ा संदेश
गिल की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विश्व क्रिकेट में टी20 लीग्स का बोलबाला है, और कई देश अपनी प्राथमिकता सिर्फ शॉर्ट फॉर्मेट पर केंद्रित कर रहे हैं। ऐसे में गिल की यह सोच भविष्य के लिए एक नया दृष्टिकोण देने वाली मानी जा रही है।
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