पीलिया (Jaundice) में शरीर में बिलीरुबिन की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे त्वचा और आंखें पीली दिखने लगती हैं। भूख कम होना, थकान, कमजोरी और पाचन कमजोर होना इसके आम लक्षण हैं।
दवाइयों और डॉक्टर की सलाह के साथ-साथ कई प्राकृतिक जड़ी-बूटियाँ भी पीलिया की रिकवरी को तेज करने में सहायक मानी जाती हैं।
ऐसा ही एक असरदार उपाय है भृंगराज का पत्ता और कई जगह गिलोय, पपीते का पत्ता भी पीलिया में लाभकारी बताए जाते हैं।
इस लेख में हम जानेंगे कि यह जादुई पत्ता पीलिया में कैसे काम करता है और इसे उपयोग करने का सही तरीका क्या है।
क्यों कारगर है भृंगराज का पत्ता?
- लीवर को मजबूत बनाता है
भृंगराज को *लिवर टॉनिक* माना जाता है।
यह लीवर की कोशिकाओं को रिपेयर करता है और पीलिया में तेजी से रिकवरी लाता है।
- बिलीरुबिन स्तर कम करने में मददगार
पीलिया में बढ़ा हुआ बिलीरुबिन भृंगराज की एंटी-हेपेटोटॉक्सिक गुणों से कम होने लगता है।
- शरीर को डिटॉक्स करता है
भृंगराज रक्त को साफ करता है और शरीर से विषैले पदार्थ निकालता है—जो पीलिया में बेहद आवश्यक है।
- पाचन सुधारता है
पीलिया में पाचन कमजोर हो जाता है। भृंगराज पाचन को आराम देता है और भूख बढ़ाने में सहायक है।
भृंगराज पत्ते का सेवन कैसे करें? (सही तरीका)
- भृंगराज का काढ़ा
* 6–7 ताज़े पत्ते लें
* पानी में उबालें
* आधा रह जाने पर छानकर पिएँ
खुराक:
दिन में 1 बार, 5–7 दिन (डॉक्टर की सलाह आवश्यक)
- भृंगराज जूस
* ताज़े पत्ते पीसकर रस निकालें
* 1–2 चम्मच रस
* बराबर मात्रा में पानी या शहद मिलाकर पिएँ
यह लीवर को जल्दी ठीक करने में मदद करता है।
- गिलोय और पपीता पत्ता का सूप (वैकल्पिक)
अगर भृंगराज उपलब्ध न हो तो पीलिया में गिलोय और पपीते के पत्ते का अर्क भी लाभदायक माना जाता है।
पीलिया में आहार क्या रखें?
* नारियल पानी
* गन्ने का रस
* मूली का रस
* हल्की खिचड़ी
* नींबू पानी
* छाछ
* उबली सब्जियाँ
परहेज:
* तला-भुना
* बहुत मसालेदार खाना
* तेल-घी ज्यादा
* शराब
* सोडा या कोल्ड ड्रिंक्स
कब डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें?
* पेशाब का रंग बहुत गहरा हो
* तेज बुखार आए
* आंखें या त्वचा तेजी से पीली होती जाए
* तेज कमजोरी
* उल्टी या चक्कर
पीलिया एक गंभीर स्थिति भी बन सकती है, इसलिए घरेलू उपाय सिर्फ सपोर्ट के रूप में ही अपनाएँ।
भृंगराज का पत्ता प्राकृतिक रूप से लीवर को मजबूत करता है और पीलिया में राहत देने में सहायक है। सही आहार, पर्याप्त पानी और डॉक्टर की नियमित जांच के साथ इसका सेवन रिकवरी को तेज कर सकता है।
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