भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के प्रयासों में अब तकनीक एक अहम भूमिका निभाने जा रही है। गूगल (Google) ने हाल ही में घोषणा की है कि वह एक नया फीचर लेकर आ रहा है, जिसके जरिए भूकंप के झटकों की जानकारी कुछ सेकंड पहले ही यूजर्स को उनके मोबाइल फोन पर अलर्ट के रूप में भेजी जाएगी। यह सुविधा खासतौर पर उन क्षेत्रों के लिए बेहद लाभकारी मानी जा रही है, जहां भूकंप की आशंका अधिक रहती है।
कैसे करेगा काम गूगल का नया अलर्ट फीचर?
गूगल का यह फीचर एंड्रॉइड स्मार्टफोनों में पहले से मौजूद सेंसर का उपयोग करेगा। जब भी किसी क्षेत्र में भूकंप के शुरुआती संकेत महसूस होंगे, तो स्मार्टफोन के ऐक्सेलेरोमीटर (Accelerometer) सेंसर उन्हें पहचान लेंगे। ये डेटा तुरंत गूगल के सर्वर पर भेजा जाएगा, जहां उन्नत एल्गोरिद्म और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के जरिए उसकी पुष्टि की जाएगी।
अगर पुष्टि हो जाती है कि भूकंप आ रहा है, तो गूगल संबंधित इलाके में मौजूद सभी यूजर्स के मोबाइल फोन पर एक त्वरित अलर्ट भेजेगा। इस अलर्ट में संभावित तीव्रता, स्थान और कुछ आवश्यक सुरक्षा निर्देश भी शामिल होंगे।
भारत में भी होगा लॉन्च
गूगल ने पहले इस फीचर को अमेरिका, जापान और मेक्सिको जैसे भूकंप-प्रवण देशों में शुरू किया था। अब कंपनी ने भारत जैसे विकासशील और घनी आबादी वाले देश में भी इस फीचर को उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। सूत्रों के अनुसार, गूगल इस सुविधा को भारत सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग के साथ मिलकर लागू करेगा।
क्यों है यह फीचर अहम?
भारत के कई हिस्से जैसे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर पूर्वी राज्य और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील हैं। यहां अगर कुछ सेकंड पहले ही अलर्ट मिल जाए, तो लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जा सकते हैं और जान-माल की हानि को काफी हद तक रोका जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही यह अलर्ट केवल 10–15 सेकंड पहले ही मिले, लेकिन वह भी जान बचाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण समय हो सकता है।
इसका लाभ किसे मिलेगा?
सभी एंड्रॉइड यूजर्स को मिलेगा अलर्ट
इंटरनेट कनेक्शन जरूरी होगा
लोकेशन सर्विस ऑन रखनी होगी
ऐप डाउनलोड की जरूरत नहीं — यह फीचर फोन में इन-बिल्ट होगा
क्या करें अलर्ट मिलने पर?
खुले स्थान की ओर जाएं
लिफ्ट का उपयोग न करें
सिर और गर्दन को हाथों से ढंकें
दीवार या भारी वस्तुओं से दूर रहें
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