हिंद प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा पर आयोजित एक वर्चुअल सम्मेलन जोकि अमेरिका की इंडो पैसिफिक कमांड के कमांडर एडमिरल जॉन सी एक्विलिनो ने इसका आयोजन किया था जिसमें भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान मंगलवार को वर्चुअल सम्मेलन में शामिल हुए। इस सम्मेलन में 27 अन्य देशों के सैन्य commander भी शामिल हुए। इस वर्चुअल सम्मेलन के माध्यम से किया मुद्दो को रखा गया जैसे सैन्य सहयोग को बढ़ाने, साझा सुरक्षा मुद्दों पर सहयोग, हिंद प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने जैसे जरुरी मुद्दों पर चर्चा की गई।
अमेरिका की सामरिक रणनीति का केंद्र हिंद प्रशांत महासागर का क्षेत्र है और अमेरिका इस क्षेत्र में भारत के साथ व्यापक सहयोग का सहायक है। हिंद प्रशांत महासागर में चीन का प्रभाव भी लगातार बढ़ता ही जा रहा है, यही कारण है की इस क्षेत्र के देशों के साथ अमेरिका लगातार सहयोग बढ़ा रहा है। अभी वर्तमान की बात करें तो में कुल 38 देश हिंद प्रशांत महासागर क्षेत्र में शामिल हैं, जो यहां पर दुनिया की 65 प्रतिशत आबादी रहती है और आर्थिक तौर पर देख जाए तो कुल जीडीपी का 62 प्रतिशत भाग हिंद प्रशांत क्षेत्र से आता है। यहां के बंदरगाह दुनिया के व्यस्त बंदरगाह में से एक हैं। हिंद प्रशांत क्षेत्र में भू-आर्थिक प्रतिस्पर्धा जोर पकड़ रही है। इसीलिए अमेरिका भारत और भी सहयोगी देशों के साथ मिलकर हिंद प्रशांत क्षेत्र में अपना दबदबा बनाना चाहता है।
अमेरिका की Indo Pacific region की रणनीति में भी भारत का महत्वपूर्ण योगदान है। चीन के बढ़ते प्रभाव को अगर कोई कम कर सकता है वो है भारत ही टक्कर देने की क्षमता रखता है।भारत का पहले से ही हिंद महासागर में दबदबा रहा है। समुद्री सुरक्षा बनाए रखने के लिए भारत की भूमिका हमेशा से ही अहम रही है।
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