पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (PoK) में हाल ही में शहबाज सरकार के खिलाफ युवाओं का प्रदर्शन देखने को मिला। खासकर Gen Z यानी युवा पीढ़ी ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई। इस हड़ताल और विरोध प्रदर्शनों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी और प्रशासनिक स्तर पर भी हड़कंप मचा दिया।
सड़कों पर जुटे युवाओं ने बैनर, नारे और पोस्टर के माध्यम से शहबाज सरकार की नीतियों पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। सोशल मीडिया पर भी विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिससे स्पष्ट हो गया कि युवा वर्ग अब राजनीतिक जागरूकता और सक्रियता में पीछे नहीं है।
मुनीर की प्रतिक्रिया
प्रदर्शन की तीव्रता और युवा शक्ति को देखकर PoK प्रशासन के उच्च अधिकारियों सहित मुख्यमंत्री मुनीर भी घबराए नजर आए। सूत्रों के अनुसार, प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी है।
मुनीर ने कहा कि सरकार युवाओं के मुद्दों को गंभीरता से ले रही है और जल्द ही संवाद और वार्ता के माध्यम से समाधान खोजने की कोशिश की जाएगी।
Gen Z का बढ़ता राजनीतिक रोल
विशेषज्ञों का कहना है कि Gen Z की राजनीतिक सक्रियता बढ़ रही है। PoK में यह विरोध केवल सरकार के खिलाफ नारा लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवा वर्ग ने समाज में बदलाव और सुधार की मांग को भी जोरदार तरीके से उठाया।
युवाओं के इस कदम को कई विश्लेषक लोकतंत्र और राजनीतिक चेतना की सकारात्मक दिशा में कदम मान रहे हैं।
सड़कों पर आंदोलन का स्वरूप
विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहने की कोशिश के बावजूद, सड़कों पर भारी भीड़ और जोरदार नारेबाजी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। कई इलाकों में युवाओं ने पैदल मार्च किया और जुलूस निकाला, जिससे स्थानीय जीवन प्रभावित हुआ।
स्थानीय मीडिया ने बताया कि प्रदर्शनकारी युवाओं ने सोशल मीडिया और स्थानीय समुदाय के माध्यम से अपने मुद्दों और मांगों को सार्वजनिक किया, जिससे विरोध को व्यापक जनसमर्थन मिला।
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