असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने एक बार फिर अपनी बेबाकी का जलवा दिखाया। मंगलवार को धुबरी जिले के एक जनसभा में उन्होंने कांग्रेस सांसद और उपनेता गौरव गोगोई पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “गौरव गोगोई को लगता है कि असम में घुसपैठिए नहीं आ रहे। उन्हें पाकिस्तान से चुनाव लड़ लेना चाहिए, वहां टिकट मिल जाएगा। वहां तो घुसपैठिए ही घुसपैठिए हैं।” हिमंत का यह बयान गौरव गोगोई के उस हालिया बयान के जवाब में था, जिसमें कांग्रेस सांसद ने कहा था कि असम में अब घुसपैठ की समस्या नहीं रही और बीजेपी इसे मुद्दा बनाकर राजनीति कर रही है। हिमंत की यह चुटकी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी।
हिमंत ने सभा में कहा, “गौरव गोगोई कहते हैं कि असम में अब कोई घुसपैठिया नहीं आ रहा। अरे भाई, तुम्हारी आंखों पर कांग्रेस की पट्टी बंधी है क्या? रोज बॉर्डर पर BSF पकड़कर घुसपैठियों को वापस भेज रही है। लेकिन गोगोई साहब को लगता है सब शांति है। चलो, कोई बात नहीं – पाकिस्तान में चुनाव लड़ लो, वहां तो तुम्हारी बात सौ फीसदी सही साबित हो जाएगी।” भीड़ ने तालियां बजाकर हिमंत का समर्थन किया। मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “जो लोग घुसपैठियों को वोटबैंक मानते हैं, वे असम की मिट्टी को नहीं समझ सकते। हमने 2016 से लेकर अब तक लाखों संदिग्धों की जांच की, हजारों को डिटेन किया। लेकिन कांग्रेस को यही सब गलत लगता है।”
गौरव गोगोई ने पिछले हफ्ते जोरहाट में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि “असम में घुसपैठ अब खत्म हो चुकी है। बीजेपी सिर्फ डर का माहौल बनाकर वोट लेना चाहती है।” इसके जवाब में हिमंत ने आज न सिर्फ चुटकी ली, बल्कि आंकड़े भी पेश किए। उन्होंने कहा, “2021 से अब तक BSF ने 1200 से ज्यादा घुसपैठिए पकड़े हैं। 2024 में अकेले 300 से ज्यादा। लेकिन कांग्रेस के नेता को लगता है सब ठीक है। ये वही लोग हैं जिन्होंने 2005 में IMDT एक्ट लाकर घुसपैठियों को लीगल शील्ड दी थी।”
कांग्रेस ने हिमंत के बयान को “घोर आपत्तिजनक” बताया। असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा ने कहा, “हिमंत बिस्वा शर्मा मुख्यमंत्री पद की गरिमा भूल चुके हैं। एक सांसद को पाकिस्तान से चुनाव लड़ने की सलाह देना देशद्रोह के बराबर है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।” गौरव गोगोई ने खुद ट्वीट कर पलटवार किया, “जो लोग असम की जनता से झूठ बोलकर सत्ता में आए, वे अब व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं। घुसपैठ का डर दिखाकर वोट लेने की राजनीति अब जनता समझ चुकी है।”
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बयान 2026 के असम विधानसभा चुनाव की जमीन तैयार करने की रणनीति है। हिमंत घुसपैठ और CAA-NRC को फिर से बड़ा मुद्दा बना रहे हैं, जबकि कांग्रेस इसे खत्म हुआ बता रही है। एक वरिष्ठ पत्रकार ने कहा, “हिमंत की चुटकी सिर्फ मजाक नहीं, बल्कि कांग्रेस को घुसपैठियों के समर्थक के रूप में पेश करने की कोशिश है। यह बयान असम की पॉलिटिक्स को फिर से ध्रुवीकृत करेगा।”
सोशल मीडिया पर भी बवाल मचा हुआ है। #GauravInPakistan ट्रेंड करने लगा, तो कुछ यूजर्स ने लिखा – “हिमंत ने सही कहा, जो घुसपैठिए नहीं दिखते, वे पाकिस्तान चले जाएं।” वहीं कांग्रेस समर्थकों ने #ShameOnHimanta ट्रेंड किया। कुल मिलाकर, हिमंत की एक चुटकी ने पूरे असम की राजनीति में भूचाल ला दिया है। अब देखना यह है कि गौरव गोगोई इसका जवाब कैसे देते हैं।
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