गठिया यानी अर्थराइटिस एक ऐसी बीमारी है जिसमें जोड़ों में सूजन, दर्द और जकड़न आम हो जाती है। खासकर बदलते मौसम या ठंड के दिनों में ये समस्या बढ़ जाती है। आमतौर पर यह रोग उम्र बढ़ने के साथ होता है, लेकिन आजकल खराब जीवनशैली और खानपान के चलते युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
ऐसे में अगर आप दवाओं के अलावा कोई प्राकृतिक, घरेलू और सुरक्षित विकल्प खोज रहे हैं, तो लहसुन (Garlic) आपके लिए बेहद उपयोगी हो सकता है। आयुर्वेद से लेकर आधुनिक रिसर्च तक, लहसुन को एक प्रभावशाली सूजननाशक और दर्दनिवारक औषधि माना गया है।
लहसुन कैसे करता है गठिया में मदद?
लहसुन में मौजूद मुख्य यौगिक एलिसिन (Allicin) एक शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट एजेंट है। यह शरीर में सूजन को कम करने, जोड़ों के दर्द को शांत करने और मसूड़ों व हड्डियों की कमजोरी को कम करने में मदद करता है।
इसके अतिरिक्त, लहसुन में सेलेनियम, सल्फर और विटामिन B6 जैसे तत्व भी पाए जाते हैं जो जोड़ों के लुब्रिकेशन और इम्यून सिस्टम को मज़बूत करने में सहायता करते हैं।
गठिया के मरीजों को लहसुन कैसे इस्तेमाल करना चाहिए?
कच्चा लहसुन खाली पेट
सुबह उठकर 1-2 कलियां कच्चा लहसुन चबाना गठिया के मरीजों के लिए बहुत लाभदायक होता है। इससे शरीर में सूजन कम होती है और दर्द से राहत मिलती है।
लहसुन का तेल मालिश के लिए
लहसुन की कुछ कलियों को सरसों या नारियल तेल में पकाकर छान लें। इस तेल से सूजन वाले जोड़ों पर हल्के हाथों से मालिश करें। यह ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है और दर्द कम करता है।
लहसुन का गर्म पानी के साथ सेवन
लहसुन की एक कली को पीसकर एक गिलास गुनगुने पानी में मिलाएं और रोज़ सुबह सेवन करें। यह शरीर को डिटॉक्सिफाई करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
लहसुन का उपयोग भोजन में बढ़ाएं
सब्जियों, दालों और सूप में लहसुन को शामिल करें। यह न केवल स्वाद बढ़ाएगा बल्कि गठिया नियंत्रण में भी सहायक होगा।
ध्यान रखें ये सावधानियां
लहसुन का अत्यधिक सेवन पेट की समस्या या एसिडिटी पैदा कर सकता है।
रक्त पतला करने वाली दवाओं के साथ इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
किसी भी घरेलू उपाय को नियमित और संतुलित मात्रा में ही लें।
विशेषज्ञों की राय
“लहसुन एक प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंट है जो गठिया के लक्षणों में काफी हद तक राहत दे सकता है, खासकर जब इसका सेवन सही तरीके से और नियमित रूप से किया जाए।”
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