डिहाइड्रेशन से एलर्जी तक—जानें गला सूखने के छिपे कारण

सुबह नींद से उठते ही गले में सूखापन महसूस होना एक आम समस्या है। कई लोग इसे मौसम या हल्की-फुल्की थकान से जोड़कर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, जबकि विशेषज्ञों के अनुसार यह कई बार किसी स्वास्थ्य समस्या का शुरुआती लक्षण भी हो सकता है। यदि यह समस्या रोज सुबह बनी रहती है, तो इसके कारणों को समझना और समय रहते समाधान करना बेहद जरूरी है।

रातभर खुला मुंह रखकर सोना

सबसे आम कारण है रात के दौरान मुंह खुला रह जाना। ऐसा होने पर हवा सीधे गले से गुजरती है और नमी कम होने लगती है, जिसके कारण सुबह गला सूखा और खुरदुरा महसूस होता है।

नाक बंद होना

एलर्जी

स्लीप एपनिया
जैसे कारण भी रात में मुंह से सांस लेने को मजबूर कर देते हैं।

कम पानी पीना या शरीर में डिहाइड्रेशन

दिनभर पर्याप्त पानी न पीना या देर रात कैफीन व नमकीन चीजें खाने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इससे रात में शरीर के ऊतकों में नमी घटती है और सुबह गला सूखा महसूस होता है।
डॉक्टर सलाह देते हैं कि दिन में 7–8 गिलास पानी अवश्य पिएं और सोने से पहले हल्का पानी पीना फायदेमंद होता है।

कमरे की ड्राई हवा या हीटर का असर

सर्दियों में अधिक समय तक हीटर या ब्लोअर चलाने से कमरे की हवा शुष्क हो जाती है। इस सूखी हवा का सीधा असर गले पर पड़ता है। नतीजतन, सुबह उठने पर गला खिंचा, सूखा और कभी-कभी दर्द भरा लगता है।
ऐसे में कमरे में ह्यूमिडिफायर का उपयोग या पानी से भरा कटोरा रख देने से हवा में नमी बनी रहती है।

एसिडिटी या गैस्ट्रोइसोफेजियल रिफ्लक्स (GERD)

रात में लेटते समय यदि एसिडिटी बढ़ी हुई हो, तो पेट का एसिड हल्के रूप में गले तक पहुंच सकता है। इससे—

गले में जलन

सूखापन

आवाज भारी होना
जैसी समस्याएं सुबह के समय अधिक महसूस होती हैं।

एलर्जी और प्रदूषण

धूल, धुआं, परागकण और घरेलू एलर्जेन (जैसे फफूंदी, धूल के कण) भी गले की नमी कम कर देते हैं। एलर्जी होने पर गले में खुजली, सूजन और सूखापन लगातार महसूस होता है।

कुछ दवाओं का प्रभाव

एंटी-हिस्टामिन, एंटी-डिप्रेशन, और कुछ ब्लड प्रेशर दवाएं भी मुँह और गले को ड्राई कर सकती हैं। यदि दवा शुरू करने के बाद यह समस्या बढ़ी हो, तो डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।

कब समझें कि यह बीमारी का संकेत है?

यदि गले का सूखापन रोजाना हो रहा है और इसके साथ ये लक्षण भी दिख रहे हों, तो तुरंत जांच आवश्यक है—

लगातार आवाज बैठना

बार-बार प्यास लगना

स्लीप एपनिया के संकेत

गले में जलन या खट्टापन

निगलने में दर्द

ये समस्याएं थायरॉयड, डायबिटीज, GERD या एलर्जी जैसी स्थितियों से जुड़ी हो सकती हैं।

क्या करें? समाधान सरल है

सोने से पहले कमरे में नमी बनाए रखें

पानी की मात्रा बढ़ाएं

नाक बंद रहने पर स्टीम लें

अल्कोहल व कैफीन कम करें

देर रात भारी भोजन से बचें

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