बिल्ली के मल से लेकर बंदर के थूक तक… ये हैं दुनिया की सबसे अजीब कॉफी

कॉफी प्रेमियों के लिए आज का दौर भले ही स्वाद और खुशबू के लिए समर्पित हो, लेकिन दुनिया में कुछ ऐसी कॉफी भी हैं जिनके नाम सुनते ही हर कोई दंग रह जाता है। इनमें से कुछ कॉफी तो इतने अनोखे और विचित्र तरीकों से बनती हैं कि सुनकर आप यकीन नहीं कर पाएंगे। जानिए ऐसी ही कुछ कॉफी के बारे में, जिनमें इस्तेमाल होते हैं बिल्ली के मल, बंदर के थूक जैसे अजीब पदार्थ।

1. कोपी लुवाक: बिल्ली के मल से बनने वाली कॉफी

इंडोनेशिया की यह कॉफी दुनिया की सबसे महंगी और दुर्लभ कॉफी में शुमार है। ‘कोपी लुवाक’ बनाने के लिए एक खास प्रकार की बिल्ली, जिसे लुवाक कहा जाता है, कॉफी के बीज खाती है। इसके बाद ये बीज बिल्ली के पाचन तंत्र से गुजरकर मल के रूप में निकलते हैं। इन बीजों को धोकर, साफ करके भुना जाता है और कॉफी बनाई जाती है। माना जाता है कि बिल्ली के पाचन में कॉफी के बीजों का स्वाद बेहतर होता है और यह कॉफी का स्वाद खास बनाती है।

2. बंदर की थूक से बनी कॉफी

थाईलैंड में बंदर द्वारा चुने गए और फिर थूक के संपर्क में आए कॉफी के बीजों से भी कॉफी बनाई जाती है। बंदर इन बीजों को चुनने में बहुत कुशल होते हैं, और उनकी थूक से कॉफी के बीजों की कड़वाहट कम हो जाती है। यह कॉफी भी अपने अनोखे स्वाद और महंगे दामों के लिए जानी जाती है।

3. हैरीयर कॉफी

मध्यम स्तर पर दुर्लभ, हैरीयर कॉफी (Harier coffee) म्यांमार से आती है। इसमें स्थानीय जानवरों की भूमिका होती है, जो कॉफी के फल खाते हैं और उनके मल से बीज प्राप्त किए जाते हैं। यह भी स्वाद में बेहद खास मानी जाती है।

4. दुनिया की दुर्लभ कॉफी की कीमत

इन खास कॉफी की कीमत सामान्य कॉफी से कई गुना ज्यादा होती है। कोपी लुवाक की कीमत तो प्रति किलोग्राम हजारों डॉलर तक हो सकती है। इसकी वजह है दुर्लभता, खास प्रक्रिया और अनोखा स्वाद।

5. स्वाद और गुणवत्ता पर सवाल

हालांकि इन कॉफी की कीमत बहुत अधिक है, लेकिन इनके स्वाद और गुणवत्ता को लेकर विशेषज्ञों में मतभेद हैं। कुछ कहते हैं कि ये कॉफी असली स्वाद प्रेमियों के लिए विशेष अनुभव हैं, तो कुछ आलोचक इसे केवल मार्केटिंग ट्रिक मानते हैं। हालांकि, इन कॉफी की अनोखी उत्पत्ति और प्रक्रिया इन्हें खास जरूर बनाती है।

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