सर्दियों का मौसम आते ही कई लोगों को बार-बार टॉयलेट जाने की समस्या महसूस होने लगती है। यह अक्सर उन्हें हैरान कर देता है, क्योंकि इस मौसम में लोग सामान्यतः कम पानी पीते हैं, बावजूद इसके बार-बार पेशाब की इच्छा क्यों बढ़ जाती है? विशेषज्ञों के अनुसार, यह सिर्फ सामान्य आदत नहीं बल्कि शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया और फिजियोलॉजी का परिणाम है।
सबसे पहले समझना जरूरी है कि सर्दियों में रक्त परिसंचरण और किडनी की कार्यप्रणाली बदल जाती है। ठंड के कारण शरीर की सतही रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं। इससे रक्त का प्रवाह मुख्य अंगों की तरफ बढ़ता है और किडनी में अधिक रक्त पहुँचता है। परिणामस्वरूप किडनी अधिक सक्रिय हो जाती है और पेशाब का उत्पादन बढ़ जाता है। इस प्रक्रिया को मेडिकल टर्म में “cold diuresis” कहा जाता है।
दूसरी वजह है थर्मोरगुलेशन और पानी का संतुलन। सर्दियों में शरीर खुद को गर्म रखने के लिए ऊर्जा खर्च करता है। इसी दौरान पानी का कुछ हिस्सा पसीने के बजाय पेशाब के रूप में बाहर निकलता है। यह भी बार-बार टॉयलेट जाने की वजह बनता है।
इसके अलावा, कम पानी पीने के बावजूद बार-बार पेशाब आना यह भी संकेत हो सकता है कि शरीर में ब्लड शुगर लेवल या इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन अस्थिर हो गया है। विशेषज्ञ बताते हैं कि डायबिटीज या किडनी संबंधी हल्की समस्याओं में भी यह लक्षण आम होता है। इसलिए अगर यह आदत लगातार बनी रहे, तो जांच करवाना जरूरी है।
सर्दियों में बार-बार पेशाब जाने की समस्या को नियंत्रित करने के लिए कुछ आसान उपाय भी सुझाए जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, दिनभर छोटे-छोटे अंतराल पर तरल पदार्थ लेना और कैफीन तथा अल्कोहल का सेवन सीमित करना फायदेमंद होता है। इसके अलावा, शरीर को गर्म रखने के लिए नियमित व्यायाम करना और थर्मल कपड़े पहनना भी मददगार साबित होता है।
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