क्या आपको अक्सर चक्कर आते हैं, थकावट महसूस होती है या अचानक आंखों के सामने अंधेरा छा जाता है? यह लो ब्लड प्रेशर यानी हाइपोटेंशन का संकेत हो सकता है। बहुत से लोग हाई बीपी को गंभीर मानते हैं, लेकिन बार-बार लो बीपी भी शरीर के लिए उतना ही नुकसानदायक हो सकता है।
आइए समझते हैं कि आखिर बार-बार बीपी लो क्यों होता है, इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।
लो बीपी होता क्या है?
जब आपका ब्लड प्रेशर सामान्य से काफी कम हो जाता है — यानी 90/60 mmHg या उससे नीचे — तो उसे हाइपोटेंशन कहा जाता है। इसका मतलब है कि आपके शरीर के अंगों तक पर्याप्त ब्लड और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पा रहा।
बीपी लो होने के प्रमुख कारण
- डिहाइड्रेशन (पानी की कमी): शरीर में पानी की कमी से ब्लड वॉल्यूम कम हो जाता है, जिससे बीपी गिरता है।
- भूखे रहना या पोषण की कमी: लंबे समय तक खाना न खाना या जरूरी पोषक तत्वों की कमी से ब्लड प्रेशर गिर सकता है।
- हार्ट संबंधी समस्याएं: धीमी हार्टबीट, हार्ट फेल्योर या हार्ट वॉल्व की गड़बड़ी से भी बीपी लो हो सकता है।
- कुछ दवाइयों का असर: डिप्रेशन, पार्किंसन, ब्लड प्रेशर या डाइयूरेटिक दवाएं लो बीपी की वजह बन सकती हैं।
- हॉर्मोनल असंतुलन: थायरॉयड, अड्रिनल या शुगर से संबंधित गड़बड़ियां भी इसका कारण बन सकती हैं।
लो बीपी के लक्षण
– चक्कर आना
– थकान
– आंखों के सामने धुंधलापन
– ठंडा या पसीनेदार शरीर
– ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई
– तेज या धीमा हार्टबीट
बचाव और घरेलू उपाय
- पानी अधिक पिएं: दिन भर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से ब्लड वॉल्यूम सामान्य रहता है।
- नमक का संतुलित सेवन करें: डॉक्टर की सलाह से थोड़ी मात्रा में नमक बढ़ाना लाभदायक हो सकता है।
- फ्रीक्वेंट मील्स लें: लंबे समय तक भूखे न रहें और हर कुछ घंटों में कुछ हल्का पौष्टिक खाएं।
- कॉफी या ग्रीन टी: कभी-कभी कैफीनयुक्त ड्रिंक से अस्थायी रूप से बीपी बढ़ सकता है।
- धीरे-धीरे उठें: अचानक खड़े होने से चक्कर आ सकते हैं, खासकर सुबह के समय।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर लो बीपी बार-बार होता है, बहुत तेज चक्कर आते हैं या आप बेहोश हो जाते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है। यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है।
लो ब्लड प्रेशर कोई मामूली परेशानी नहीं है। इसके कारणों को समझकर और लाइफस्टाइल में थोड़ा बदलाव लाकर इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। सही जानकारी और समय पर उपाय से आप दिनभर तरोताज़ा और सक्रिय महसूस कर सकते हैं।
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