अक्सर लोग शरीर में होने वाले हल्के या लंबे समय तक बने रहने वाले दर्द को गंभीरता से नहीं लेते। कई बार इसे थकान, गलत खान-पान या दिनभर की भागदौड़ का नतीजा मानकर अनदेखा कर दिया जाता है। लेकिन हाल ही में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि क्रॉनिक पेन यानी लंबे समय तक बना रहने वाला दर्द, हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) का महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है।
हाई BP को अक्सर “साइलेंट किलर” कहा जाता है क्योंकि यह लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के बढ़ता रहता है और व्यक्ति को पता भी नहीं चलता। ऐसे में शरीर के संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बने रहने वाला दर्द कई बार इस समस्या का पहला और एकमात्र संकेत हो सकता है।
दर्द और ब्लड प्रेशर का संबंध क्या है?
चिकित्सा शोधों के अनुसार, शरीर में दर्द होने पर “स्ट्रेस हार्मोन” जैसे कॉर्टिसोल और एड्रेनालिन का स्तर बढ़ जाता है। ये दोनों हार्मोन—
दिल की धड़कन बढ़ाते हैं
रक्त वाहिकाओं को संकुचित करते हैं
और शरीर पर तनाव बढ़ाते हैं
इन सभी कारकों के परिणामस्वरूप ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ सकता है। यदि दर्द लंबे समय तक बना रहे, तो यह BP को स्थायी रूप से ऊँचा बनाए रख सकता है।
कौन सा दर्द देता है हाई BP का संकेत?
विशेषज्ञ कुछ प्रकार के दर्द को हाई BP से सीधे तौर पर जुड़ा मानते हैं—
1. सिरदर्द (खासकर सुबह उठते समय)
सुबह का भयंकर सिरदर्द अक्सर हाई BP का संकेत माना जाता है। यदि यह दर्द लगातार हो या दवाओं से भी राहत न मिले तो जांच आवश्यक है।
2. गर्दन और कंधे का भारीपन
हाइपरटेंशन के मरीज अक्सर गर्दन में खिंचाव या कंधों पर स्थायी दबाव महसूस करते हैं। यह नसों पर तनाव बढ़ने के कारण होता है।
3. पीठ और छाती में असामान्य दर्द
लगातार रहने वाला ऊपरी पीठ का दर्द या हल्का-सा दबाव भी रक्तचाप के बढ़ने से संबंधित हो सकता है। विशेष रूप से छाती के क्षेत्र में कोई भी परेशान करने वाला दर्द बिना देरी जांच का विषय है।
दर्द को अनदेखा करना क्यों खतरनाक?
लंबे समय तक बने रहने वाले दर्द को नजरअंदाज करने से—
ब्लड प्रेशर लगातार बढ़ा रहता है
दिल पर दबाव बढ़ता है
स्ट्रोक और हार्ट अटैक का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है
विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि शरीर दर्द के जरिये संकेत देता है कि कोई असंतुलन मौजूद है, इसलिए इसे केवल दर्द निवारक दवाओं से दबाना उचित नहीं।
क्या करें?
नियमित BP मॉनिटरिंग: यदि दर्द लगातार बना रहे, तो सप्ताह में 3–4 बार BP जाँचना चाहिए।
तनाव कम करें: योग, वॉक और सांस संबंधी अभ्यास BP और दर्द दोनों पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।
संतुलित आहार: कम नमक, कम वसा, और ताजे फल-सब्जियों का सेवन लाभकारी है।
डॉक्टर से परामर्श: यदि दर्द तीन हफ्तों से अधिक रहे, तो चिकित्सक से जांच कराना अनिवार्य है।
यह भी पढ़ें:
सुबह खाली पेट आंवला-जूस पीने के फायदे, शहद के साथ और भी ज्यादा असरदार
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check